कुछ घंटों में ही एसएमएस पर रोक वापस

  • 16 अप्रैल 2010
Image caption इससे पहले प्री पेड मोबाइल पर प्रतिबंध लगा था.

गृह मंत्रालय ने भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में मोबाइल संदेश यानी एसएमएस के आदान-प्रदान पर रोक लगाई लेकिन कुछ घंटों के भीतर ही इसे वापस ले लिया गया.

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार देवेंद्र राणा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस आदेश के ख़िलाफ़ तुरंत हस्तक्षेप किया जिसके बाद प्रतिबंध वापस लिया गया है.

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को बताया कि इस तरह का आदेश जम्मू-कश्मीर को शेष भारत से जोड़ने की कोशिशों में बाधक साबित होगा.

इससे पहले जारी आदेश में पोस्ट पेड मोबाइल पर एसएमएस की सुविधा ख़त्म कर दी गई थी जबकि प्री पेड मोबाइल पर अधिकतम दस संदेशों की सीमा निर्धारित की गई थी.

मोबाइल सेवा देने वाली सभी कंपनियों को एक साथ बहुत सारे लोगों को एसएमएस भेजने की सुविधा भी ख़त्म करने का निर्देश जारी किया था.

ये आदेश शुक्रवार रात से लागू होना था.

मुख्यमंत्री की नाराज़गी

कुछ मोबाइल कंपनियों ने इस तरह का आदेश मिलने की पुष्टि भी की और कहा, "सुरक्षा का मामला है, इसलिए हमें इसे लागू करना होगा."

लेकिन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को इसे ग़लत बताया और इस फ़ैसले पर नाराज़गी जताई.

उन्होंने कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के ख़याल से ऐसा किया जा सकता है तो नक्सल प्रभावित इलाक़ों में इसी तरह का प्रतिबंध लगना चाहिए.

उनकी नाराज़गी के बाद ही आदेश वापस ले लिया गया.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल नवंबर में जम्मू-कश्मीर में प्री पेड मोबाइल सेवा प्रतिबंधित कर दी थी. तब ये तर्क दिया गया था कि बिना उचित जाँच पड़ताल के प्री पेड कनेक्शन लेकर चरमपंथी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

हालाँकि जनवरी में कड़े दिशा निर्देशों के साथ इस प्रतिबंध को हटा लिया गया.

एसएमएस पर प्रतिबंध इसस पहले अगस्त 2008 में चार महीनों के लिए लगाया गया था जब अमरनाथ मंदिर बोर्ड ज़मीन विवाद चरम पर था.

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