संसद में थरूर को घेरने की तैयारी

आईपीएल विवाद और शशि थरूर मामले की गूँज शुक्रवार को संसद में सुनाई पड़ सकती है. विपक्ष ने आईपीएल मामले को लेकर थरूर को घेरने की तैयारी की है.

भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दलों ने राज्य सभा और लोक सभा में नोटिस दिए हैं.

इन पार्टियों की माँग है कि विदेश राज्य मंत्री अपने पद से इस्तीफ़ा दें. थरूर पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर अपने पद का दुरुपोयग किया और अपनी मित्र सुनंदा पुष्कर को कोच्चि की आईपीएल टीम में फ़्री एक्विटी दिलवाई जिसकी कीमत 70 करोड़ रुपए है.

हालांकि शशि थरूर इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं और उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि वे इस्तीफ़ा नहीं देंगे क्योंकि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है.

वाशिंगटन गए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी इस मुद्दे पर बयान देना पड़ा है. उन्होंने कहा था कि कुछ भी क़दम उठाने से पहले वे मामले की तह तक जाएँगे.

आरोप

लेकिन भाजपा का कहना है कि सारी बातें सार्वजनिक हो चुकी हैं और इस मामले में कदम उठाने में देरी नहीं होनी चाहिए.

बुधवार देर रात शशि थरूर ने वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री से मुलाकात की थी.

पूरा विवाद तब शुरु हुआ जब आईपीएल के आयुक्त ललित मोदी ने आरोप लगाया कि नई टीम कोच्चि के मालिकों को लेकर भ्रम की स्थिति है. कोच्चि की टीम से विदेश राज्य मंत्री शशि थरुर की मित्र सुनंदा पुष्कर जुड़ी हुई हैं और सुनंदा के इसमें 70 करोड़ रुपए लगे हैं.

मोदी ने अपने ट्विटर पर लिखा था कि एक बड़ी शख्सियत ने उनसे टीम के हिस्सेदारों के नाम सार्वजनिक न करने को कहा था. माना जा रहा है कि उनका इशारा विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर की ओर है.

वहीं थरुर का आरोप है कि मोदी ने कोच्चि टीम का विरोध किया था और वो कोच्चि के स्थान पर अहमदाबाद को यह मौका देना चाहते थे.

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