मनमोहन सिंह देश लौटे

  • 17 अप्रैल 2010
ब्रिक नेताओं के साथ मनमोहन सिंह
Image caption ब्राज़ील में ब्रिक देशों के शिखर बैठक में मनमोहन सिंह

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अमरीका और ब्राज़ील का दौरा समाप्त कर दिल्ली पहुँच गए हैं.

आइसलैंड में ज्वालामुखी फटने से उत्तरी यूरोप में हवाई उड़ानों पर गंभीर असर पड़ने के कारण प्रधानमंत्री के विशेष विमान का मार्ग परिवर्तित किया गया और विमान ने जर्मन शहर फ़्रैंकफ़र्ट में रूकने के स्थान पर दक्षिण अफ़्रीकी शहर जोहानसबर्ग में संक्षिप्त पड़ाव डाला.

प्रधानमंत्री के दिल्ली पहुँचने के बाद समझा जा रहा कि विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर के राजनीतिक भविष्य के बारे में महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है.

उनकी विदेश यात्रा के दौरान ही भारत में इंडियन प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता में कोच्चि की टीम को शामिल किए जाने में शशि थरूर की कथित भूमिका को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया था.

प्रधानमंत्री ने इस संबंध में अमरीका में कहा था कि वे सभी तथ्यों को बख़ूबी समझने के बाद ही इस बारे में अपने विचार स्पष्ट करेंगे.

भारत में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने खुलकर शशि थरूर से जाँच पूरी होने तक अपने पद से हटने की माँग की है.

मगर शशि थरूर ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए इस्तीफ़ा देने से इनकार कर दिया है.

दौरा

अमरीका और ब्राज़ील के आठ दिन के दौरे में भारतीय प्रधानमंत्री अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा की पहल पर वाशिंगटन में हुए परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद ब्राज़ील की राजधानी ब्रासीलिया गए.

वहाँ उन्होंने भारत-ब्राज़ील-दक्षिण अफ़्रीका के त्रिदेशीय गुट – इब्सा - और भारत-रूस-ब्राज़ील-चीन के चतुर्देशीय गुट – ब्रिक - के अलग-अलग शिखर सम्मेलनों में हिस्सा लिया.

भारत के लिए वापसी के समय विमान के भीतर ही भारत के वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से इब्सा देशों में आर्थिक संपर्क बढ़ रहा है.

उन्होंने बताया कि आर्थिक मंदी के बावजूद इब्सा देश 16 अरब डॉलर से अधिक का व्यापार कर रहे हैं.

ब्रिक देशों की बैठक के बारे में उन्होंने कहा कि ब्रिक्स नेताओं के बीच दुनिया की 20 महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्थाओं के संगठन जी-20 में बदलावों के बारे में चर्चा हुई जिससे कि संगठन को वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं के हिसाब से और अधिक प्रतिनिधित्वकारी बनाया जा सके.

आनंद शर्मा ने साथ ही कहा कि ब्रिक देशों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा हुई और नेताओँ ने ये महसूस किया कि प्रतिबंधों से ईरान को लेकर विवाद का हल नहीं निकाला जा सकता.

भारतीय प्रधानमंत्री ने ब्राज़ील में इब्सा और ब्रिक के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के अतिरिक्त चीन के राष्ट्रपति हु जिंताओ और रूस के राष्ट्रपति दमित्री मेदवदेव के साथ अलग से मुलाक़ातें भीं कीं.

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