भारत ने प्रभाकरन की माँ को रोका

प्रभाकरन
Image caption 18 मई 2009 को वेलुपिल्लई प्रभाकरन की श्रीलंकाई सेना से लड़ते हुए मौत हो गई

तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के पूर्व प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन की बीमार माँ को इलाज के लिए भारत आने से रोक दिया गया है.

प्रभाकरन की वृद्ध माँ – वल्लिपुरम पार्वती – को चेन्नई में मलेशिया से आ रहे एक विमान से नीचे नहीं उतरने दिया गया.

समझा जाता है कि वे लकवाग्रस्त हैं और उन्हें चिकित्सा के लिए तमिलनाडु लाया जा रहा था मगर भारतीय आप्रवासन अधिकारियों ने उन्हें वापस लौटा दिया.

प्रभाकरन की माँ के आने की जानकारी मिलने के बाद एलटीटीई के समर्थक कुछ छोटे गुट हवाई अड्डे पर जमा हो गए थे और इसे देखते हुए वहाँ सुरक्षा बढ़ा दी गई थी.

तमिल विद्रोही नेता पिछले वर्ष 18 मई को श्रीलंका में लड़ाई के दौरान सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए थे.

माता-पिता

प्रभाकरन के पिता की इस वर्ष जनवरी में सैनिक हिरासत के दौरान मृत्यु हो गई थी.

इसके बाद से वी पार्वती मलेशिया में रहने लगी थीं.

प्रभाकरन के माता-पिता श्रीलंका में संघर्ष शुरू होने के बाद काफ़ी समय तक भारत में रहे मगर वर्ष 2002 में श्रीलंकाई सेना और विद्रोहियों के बीच युद्धविराम होने के बाद वे श्रीलंका लौट गए.

भारत सरकार ने 1991 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आत्मघाती बम धमाके में हत्या के बाद से एलटीटीई को आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है.

भारत सरकार का कहना है कि विद्रोहियों ने 1987 में भारतीय शांति सेना को श्रीलंका भेजने के राजीव गांधी सरकार के फ़ैसले का बदला लेने के लिए उनकी हत्या की थी.

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