शशि थरूर को इस्तीफ़ा देना पड़ा

  • 19 अप्रैल 2010
शशि थरूर
Image caption आईपीएल टीम के मामले में शशि थरूर की भूमिका पर सवाल उठ रहे थे

कोच्चि की आईपीएल टीम को लेकर विवादों में फंसे विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर ने देर रात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निवास पर जाकर अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है.

प्रधानमंत्री ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकृति के लिए तत्काल ही राष्ट्रपति को भेज दिया था.

राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने रविवार की रात ही उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है.

इससे पहले प्रधानमंत्री के निवास पर कांग्रेस पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक हुई थी जिसमें शशि थरूर से जुड़े विवाद पर चर्चा हुई थी.

विवादों में ही रहे थरूर

ये बैठक दो घंटे चली. इसमें गृहमंत्री पी चिदंबरम, रक्षा मंत्री एके एंटनी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रणब मुखर्जी समेत कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया.

इस बैठक के बाद शशि थरूर को प्रधानमंत्री निवास बुलाया गया था. अपनी निजी कार से सात रेस कोर्स रोड पहुँचे शशि थरूर क़रीब 40 मिनट बाद अपना इस्तीफ़ा सौंपकर वहाँ से निकल गए.

शशि थरूर ने रविवार सुबह भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की थी. थरूर और प्रधानमंत्री के बीच बैठक क़रीब पचास मिनट चली थी लेकिन इस बातचीत के विवरण नहीं मिल सके थे.

इससे पहले थरूर ने आईपीएल के मामले में सोनिया गांधी से भी मुलाक़ात की थी और अपनी बात रखी जिसके बाद उन्होंने संसद में बयान दिया था.

लेकिन संसद में भी कांग्रेस पार्टी उनके समर्थन में नहीं दिखी जिसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि थरूर को इस्तीफ़ा देना पड़ सकता है.

विवाद

आईपीएल की कोच्चि टीम को लेकर शशि थरूर और आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी के बीच ठनी हुई है.

Image caption ललित मोदी और शशि थरूर के बीच पिछले कुछ दिनों से आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है

जहाँ ललित मोदी ने आरोप लगाए हैं कि कोच्चि टीम के मालिकों को लेकर भ्रम की स्थिति है और इस टीम के लिए थरूर ने उन पर अनावश्यक दबाव डाला है. वहीं कोच्चि टीम का आरोप है कि मोदी उन्हें टीम देना नहीं चाहते थे.

कोच्चि टीम के मालिकों में से एक सुनंदा पुष्कर भी हैं जो शशि थरुर की नज़दीकी हैं.

हालाँकि सुनंदा ने रविवार को ही टीम में हिस्सेदारी लौटाने की घोषणा की है.

विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने थरूर पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था और उनके इस्तीफ़े की मांग की थी.

भाजपा ने इस मुद्दे पर संसद के भीतर भी हंगामा किया था.

कांग्रेस की प्रवक्ता जयंती नटराजन ने थरूर के इस्तीफ़े के बाद एक टेलीविज़न चैनल से हुई चर्चा में कहा है कि एक लोकतंत्र में प्रधानमंत्री को जो क़दम उठाना चाहिए था उन्होंने उठाया है लेकिन इस पूरे मामले की जाँच होनी चाहिए.

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