आईपीएल की जाँच होगी: प्रणव मुखर्जी

  • 19 अप्रैल 2010
शशि थरूर और ललित मोदी
Image caption विपक्ष का कहना था कि शशि थरूर मंत्रिपद से इस्तीफ़ा काफ़ी नहीं है

संसद में हंगामे के बाद वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने अपने बयान में कहा है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में किसका पैसा लगा है, इसकी जांच होगी.

उनका कहना था कि ये जांच सख्ती से की जाएगी, किसी के भी दोषी पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा.

वित्त मंत्री ने कहा कि आईपीएल में पैसे के लेनदेन की जांच की जाएगी.

इसके पहले लोक सभा में विपक्षी दलों ने कहा कि आईपीएल विवाद को लेकर शशि थरूर का इस्तीफ़ा काफ़ी नहीं है और माँग की इसकी जाँच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराई जाए.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के गुरुदास दासगुप्ता ने इस मामले को उठाया और उन्होंने आईपीएल पर प्रतिबंध लगाने की माँग की.

उनका आरोप था कि इसके ज़रिए कालेधन को सफेद किया जा रहा है और इसमें मॉरीशस और दुबई से पैसा लगाया जा रहा है.

गुरुदास दासगुप्ता का कहना था कि आईपीएल से क्रिकेट का नाम बदनाम हो रहा है और इसमें खिलाड़ी सब्जियों की तरह ख़रीदे जाते हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें खुलेआम सट्टेबाजी चल रही है. उन्होंने आईपीएल की जाँच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की माँग की.

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के लालू यादव ने भी उनके स्वर में स्वर मिलाते हुए आरोप लगाया कि इसके ज़रिए काले धन को सफेद किया जा रहा है और ये 'अय्याशी का अड्डा' बनता जा रहा है.

उन्होंने भी इसकी जाँच जेपीसी से कराने की माँग की और कहा कि इसका राष्ट्रीयकरण कर खेल मंत्रालय को सौंप दिया जाना चाहिए.

जनता दल-यू के शरद यादव का भी कहना था कि आईपीए 'अय्याशी, लूट और कालेधन का अड्डा' बनता जा रहा है.

उनका कहना था कि इसकी वजह से अन्य भारतीय खेलों को नुक़सान पहुँच रहा है.

विवाद

ग़ौरतलब है कि कोच्चि की आईपीएल टीम को लेकर विवादों में फंसे विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर ने रविवार देर रात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निवास पर जाकर अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया था.

प्रधानमंत्री ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकृति के लिए तत्काल ही राष्ट्रपति को भेज दिया और राष्ट्रपति ने रविवार की रात ही उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया था.

इससे पहले थरूर ने आईपीएल के मामले में सोनिया गांधी से भी मुलाक़ात की थी और अपनी बात रखी जिसके बाद उन्होंने संसद में बयान दिया था.

आईपीएल की कोच्चि टीम को लेकर शशि थरूर और आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी के बीच ठनी हुई है.

जहाँ ललित मोदी ने आरोप लगाए हैं कि कोच्चि टीम के मालिकों को लेकर भ्रम की स्थिति है और इस टीम के लिए थरूर ने उन पर अनावश्यक दबाव डाला है. वहीं कोच्चि टीम का आरोप है कि मोदी उन्हें टीम देना नहीं चाहते थे.

कोच्चि टीम के मालिकों में से एक सुनंदा पुष्कर भी हैं जो शशि थरुर की नज़दीकी हैं.

हालाँकि सुनंदा ने रविवार को ही टीम में हिस्सेदारी लौटाने की घोषणा की थी.

भारतीय जनता पार्टी ने थरूर पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था और उनके इस्तीफ़े की मांग की थी.

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