मनु शर्मा की सज़ा बरकरार

मनु शर्मा
Image caption जेसिका लाल हत्याकांड मामले में मनु शर्मा प्रमुख अभियुक्त हैं.

बहुचर्चित जेसिका लाल हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट अपना फ़ैसला सुनाते हुए मनु शर्मा और अन्य दो अभियुक्तों की सज़ा बरकरार रखी है.

इस मामले में हाई कोर्ट ने मुख्य अभियुक्त मनु शर्मा को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सही करार दिया.

न्यायमूर्ति पी सथाशिवम और स्वतंत्र कुमार की पीठ ने आठ फरवरी को इस मामले में फैसला लिया था लेकिन सज़ा आज सुनाई गई.

जेसिका की बहन सबरीना लाल ने फ़ैसले के बाद कहा कि वह काफ़ी राहत महसूस कर रही हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं खुश हूं कि सुप्रीम कोर्ट ने यह फै़सला दिया. मीडिया ने समर्थन दिया. जनता ने समर्थन दिया. जहां पावरफुल लोग होते हैं वहां न्याय की लड़ाई लंबी हो जाती है लेकिन इन्हें सज़ा दिलाना नामुमकिन नहीं है. ’’

उल्लेखनीय है कि निचली अदालत ने इस मामले में मनु शर्मा को बरी कर दिया था लेकिन हाई कोर्ट ने मनु को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सज़ा दी थी.

मनु शर्मा ने अपने वकील राम जेठमलानी के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी और तर्क दिया था कि हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ही उनके ख़िलाफ़ फैसला देने का मन बना लिया था.

जेठमलानी ने तर्क देते हुए कहा था कि अख़बारों में पहले ही मनु शर्मा की फोटो छापी गई थी और हाई कोर्ट ने सुनवाई अदालत के सभी तथ्यों को नकार दिया था.

हालांकि सरकारी वकील गोपाल सुब्रमण्यम ने कहा था कि मनु शर्मा के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत थे.

अभियोजन पक्ष के अनुसार मॉडल जेसिका लाल को मनु शर्मा ने टैमरिंड कोर्ट कैफ़े में एक झगड़े के बाद गोली मार दी थी. यह घटना 29 अप्रैल 1999 की है.

इस मामले में मनु शर्मा के अलावा विकास यादव और अमरजीत सिंह गिल के भी नाम है और हाई कोर्ट ने इन दोनों को भी दोषी करार दिया था.

मनु शर्मा हरियाणा कांग्रेस के नेता विनोद शर्मा के पुत्र हैं जबकि विकास यादव उत्तर प्रदेश के दबंग नेता डीपी यादव के पुत्र हैं. एक अन्य अभियुक्त अमरजीत सिंह गिल उर्फ़ टोनी हैं.

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