कूड़ेदान में मिले भ्रूण

भ्रूण
Image caption भ्रूण हत्याओं के कारण देश में लिंग अनुपात बढ़ता जा रहा है

गुजरात के अधिकारियों के अनुसार अहमदाबाद शहर के एक कूड़ेदान से दर्जनों भ्रूण बरामद किए गए हैं.

अधिकारियों को संदेह है कि इन भ्रूणों को कूड़ेदान में गर्भपात कराने वाले स्थानीय क्लिनिकों ने रखा है जो अवैध रूप से गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग की जाँच का काम करते हैं.

पुलिस ने इन भ्रूणों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

ऐसा माना जाता है कि पिछले 20 वर्ष में देशभर में लाखों भ्रूणों को गर्भपात करा दिया गया.

प्रसव पूर्ण परीक्षण

भारत में लड़कियों से अधिक लड़कों को तरजीह देने की बहुत पुरानी परंपरा है और यहाँ 1994 से ही लिंग परीक्षण और गर्भपात पर प्रतिबंध लगा हुआ है.

लिंग निर्धारण के लिए प्रसव पूर्ण परीक्षणों पर भारत में प्रतिबंध है लेकिन क़ानून होने के बाद भी ये होता रहता है.

अहमदाबाद के स्थानीय पत्रकार रथिन दास ने बताया कि ये भ्रूण शहर के पूर्वी हिस्से के एक कूड़ेदान से सोमवार सुबह बरामद किए गए.

इनमें से कुछ एक टूटे हुए जार में रखे हुए थे जिन्हें फ़ोरेंसिक जाँच के लिए भेज दिया गया है.

संवाददाताओं का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में भ्रूण पाए जाने के बाद इस बात की आशंका बढ़ गई है कि ये ग़ैरक़ानूनी गर्भपात के परिणाम है.

ऐसा माना जा रहा है कि ये गर्भपात लिंग परीक्षण में भ्रूण लड़कियों का पाया जाने के बाद कराए गए हैं.

लड़कियों के भ्रूणों की हत्या के कारण उत्तरी गुजरात और देश के कई अन्य राज्यों में लिंग अनुपात में भारी असंतुलन पैदा हो गया है.

अहमादाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि हो सकता है कि इनमें से कुछ वैध गर्भपात वाले भ्रूण हों, लेकिन इसके बाद भी क्लीनिक इन्हें बायो मेडिकल कचरे में नष्ट न करने के दोषी हैं.

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