दो दलितों की 'हत्या', अधिकारी निलंबित

दलित महिलाएँ (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption हिसार शहर में दलित समुदाय के 200 से 300 लोग प्रदर्शन कर रहे हैं

हरियाणा के हिसार ज़िले के एक गाँव में दलित समुदाय के ख़िलाफ़ हुई हिंसा में एक 18 वर्षीय दलित लड़की और उसके 70 वर्षीय पिता की मौत हो गई है.

हिसार ज़िले में इस घटना के बाद खासा तनाव है. हिसार शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित मिर्चपुर गाँव, जहाँ ये घटना हुई, वहाँ बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है.

उधर हिसार शहर में दलित समुदाय के 200 से 300 लोग जमा हैं और नारेबाज़ी कर रहे हैं.

ज़िला प्रशासन ने हत्या का मामला दर्ज किया है और स्थानीय थाने के एसएचओ को निलंबित कर दिया है. पुलिस ने पूछताछ के लिए 25 लोगों को हिरासत में लिया है.

'दलितों के घरों को आग लगाई'

स्थानीय पत्रकार रिशी सैनी के अनुसार मिर्चपुर गाँव में बुधवार को दलित समुदाय और तथाकथित उच्च वर्ग के लोगों के बीच एक मामूले बात पर तू-तू मैं-मैं हुई और फिर दलित वर्ग को हिंसा का निशाना बनाया गया.

स्थानीय पुलिस के अनुसार इसके बाद दोनों समुदायों के बीच झड़प हुई और देसी हथियारों से लैस कुछ गाँववासियों पर दलित परिवारों के लगभग 15 घरों को आग लगा देने का आरोप है.

जहाँ अन्य दलित लोग घरों से भाग गए, वहीं पोलियो की शिकार 18 वर्षीय सुमन और 70 वर्षीय तारा चंद भाग न पाए और आग में झुलस गए.

दोनों को हिसार के सिविल अस्पताल ले जाया गया लेकिन इन दोनों की मौत हो गई.

गुरुवार को पोस्ट मॉर्टम के दौरान अस्पताल के बाहर दलित समुदाय के सदस्यों की ख़ासी भीड़ जमा हो गई और दोपहर तक वे नारेबाज़ी कर रहे थे.

भारी पुलिस बंदोबस्त के साथ शवों को पुलिस गाँव ले जा रही है जहाँ दोनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

लेकिन गाँव से कम से कम चार भयभीत दलित परिवार पलायन कर चुके हैं और वापस नहीं लौटे हैं.

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