फोन टैपिंग पर बवाल, दोनों सदन स्थगित

आडवाणी
Image caption आडवाणी ने कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को बयान देना चाहिए.

फोन टैपिंग मुद्दे पर केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा है कि सरकार ने किसी का फोन टैप करने के निर्देश नहीं दिए थे.

विपक्ष के शोर शराबे के बीच गृहमंत्री पी चिदंबरम ने बयान पढ़ा लेकिन विपक्ष लगातार प्रधानमंत्री के बयान की मांग करता रहा.

शोर शराबे के बीच वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री बयान देने को तैयार हैं लेकिन ये स्पष्ट नहीं था कि प्रधानमंत्री कब तक बयान देंगे.

सदन में फिर हंगामा हुआ और सभा दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. लोकसभा की कार्यवाही जब दो बजे शुरू हुई, तो स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ. सांसदों के शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई.

इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान भी संसद के दोनों सदनों में ज़बर्दस्त हंगामा हुआ और विपक्ष ने कहा है कि वो इस पर प्रधानमंत्री के अलावा किसी और के बयान को अहमियत नहीं देंगे.

राज्य सभा शुरु होते ही टैपिंग मामले पर हंगामा हुआ और सदन स्थगित कर दिया गया.

गंभीर मसला

लोकसभा में यह मुद्दा उठाते हुए विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मसला है.

उन्होंने आउटलुक पत्रिका में छपी उस ख़बर का ज़िक्र किया जिसमें कहा गया है कि सरकार के ख़ुफ़िया विभाग ने केंद्रीय मंत्रियों, कांग्रेस नेताओं, मुख्यमंत्रियों के टेलीफोन रिकॉर्ड करवाए हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘ यह बहुत गंभीर मामला है. हम प्रधानमंत्री के जवाब से कम पर नहीं मानेंगे.’’

लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने प्रश्नकाल जारी रखने की कोशिश की लेकिन विपक्ष ने प्रश्नकाल को शुरु ही नहीं होने दिया.

लाल कृष्ण आडवाणी ने अपने बयान में कहा कि वो आईपीएल घोटाले की भी बात करना चाहते थे लेकिन फोन टैपिंग अत्यंत गंभीर मामले के रुप में सामने आया है.

विपक्ष इस मु्द्दे पर संयुक्त संसदीय समिति से जांच की मांग भी कर रहा है.

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