दंतेवाड़ा हमले पर जाँच रिपोर्ट

  • 27 अप्रैल 2010
नक्सली हमले में घायल एक जवान
Image caption ताडमेटला में हुए हमले में 75 सीआरपीएफ़ के जवान मारे गए थे और छत्तीसगढ़ पुलिस का एक जवान

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमले पर एक सदस्यीय जाँच समिति ने अपनी जाँच रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दी है.

छह अप्रैल की सुबह आदिवासी इलाक़े में हुए इस हमले में 76 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी.

इसे अब तक का सबसे बड़ा नक्सली हमला माना गया था और केंद्र सरकार ने बीएसएफ़ के पूर्व प्रमुख ईएन राममोहन को इसकी जाँच की ज़िम्मेदारी सौंपी थी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार राममोहन ने नक्सली हमले के लिए नेतृत्व की कमी को ज़िम्मेदार ठहराया है.

उन्होंने केंद्रीय अर्ध सैनिक बल सीआरपीएफ़ और राज्य पुलिस के बीच तालमेल की कमी को भी इसके लिए दोषी ठहराया है.

आसाम मेघालय कैडर के आईपीएस अधिकारी राममोहन ने रिपोर्ट तैयार करने से पहले छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ़ के अधिकारियों, जवानों और राज्य पुलिस के अधिकारियों और जवानों से चर्चा की थी.

उन्होंने ताडमेटला का भी दौरा किया था जहाँ जवानों पर हमला किया गया था.

राममोहन ने अपनी रिपोर्ट में भविष्य में इस तरह के हमले रोकने के लिए उठाए जाने वाले क़दमों के बारे में भी सुझाव दिए हैं.

केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम इस रिपोर्ट को संसद में पेश करेंगे और इसके आधार पर आवश्यक क़दम भी उठाएँगे.

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