भारत पर राजनीतिक फ़ायदा उठाने का आरोप

  • 27 अप्रैल 2010
होटल ताज़ पर हुआ हमला (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption मुंबई हमलों के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच चर्चा स्थगित है

पाकिस्तान ने कहा है कि भारत मुंबई हमलों का राजनीतिक फ़ायदा उठाना चाहता है.

भूटान में चल रहे दक्षिण एशियाई सहयोग संगठन (सार्क) सम्मेलन में भाग लेने आए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने कहा, ''हम चाहते हैं कि मुंबई हमले से संबंधित मामला तेज़ी से आगे बढ़े.''

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यहाँ सार्क सम्मेलन में विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले बीबीसी से हुई बातचीत में कहा कि पाकिस्तान इस समय रुको और देखो की नीति पर अमल कर रहा है.

उधर विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा, "बातचीत पर तो बात हो ही सकती है और हम मानते हैं कि बातचीत ही दोनों देशों के रिश्ते सुधारने का सबसे अच्छा रास्ता है."

जब भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से पूछा गया कि पाकिस्तान के दस्तावेज़ों पर उनकी क्या प्रतिक्रिया है तो उन्होंने कहा कि इस बैठक में आने की तैयारी करते हुए वे दस्तावेज़ों को पढ़ नहीं पाए हैं. बातचीत के बारे में उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री को आ जाने दीजिए फिर देखते हैं."

उम्मीद

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बासित ने कहा, "मुंबई के सिलसिले में भारत से हमने आमिर अजमल कसाब और फहीम अंसारी को पाकिस्तान को सौंप देने की मांग की थी.भारत हमारे प्रस्ताव की जाँच कर रहा है और हमें उम्मीद है कि वह सकारात्मक जवाब देगा."

उनका तर्क था कि भारत में मुंबई मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला भी मई में ही आ जाएगा, इसलिए भारत को कसाब और फहीम अंसारी को पाकिस्तान को सौंप देना चाहिए.

अब्दुल बासित ने कहा, ''हमने कसाब और फहीम अंसारी को सहयोग की भावना से माँगा है लेकिन लग रहा है कि भारत इस मामले का राजनीतिक फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहा है.''

उन्होंने कहा, ''हम चाहते है कि मुंबई हमले के मुजरिमों को सजा मिले. इसमें हमें भारत से सकारात्मक सहयोग मिलने की उम्मीद है.''

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने आमिर अजमल कसाब और फहीम अंसारी की गिरफ़्तारी के लिए इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की माँग थी.

हालांकि पाकिस्तान की इस पहल पर भारत नकारात्मक जवाब दे चुका है. भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता निरुपमा राव ने कहा था कि भारत में मुंबई मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है और फ़ैसला भी आने वाला है, ऐसे में उसे पाकिस्तान को सौंपने की सवाल ही नहीं उठता है.

बैठक पर संशय

सार्क सम्मेलन में भारत-पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों की मुलाक़ात के सवाल पर अब्दुल बासित ने कहा कि अभी दोनों नेताओं की मुलाकात तय नहीं है. लेकिन कूटनीति में कभी भी कुछ भी संभव है.

उन्होंने कहा, "हमने नई दिल्ली में 25 फरवरी को हुई दोनों देशों के विदेश सचिवों की बैठक में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की बैठक कराने का प्रस्ताव दिया था.लेकिन भारत की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई."

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "हम देखो और इंतजार करो कि नीति पर चल रहे हैं और हम सभी मुद्दों पर सार्थक बातचीत करना चाहते हैं."

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