सोरेन ने माफ़ी माँगी, पुनर्विचार का अनुरोध

  • 28 अप्रैल 2010
शिबू सोरेन
Image caption भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने शिबू सोरेन ने कटौती प्रस्तावों पर कांग्रेस का समर्थन किया

झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन ने भारतीय जनता पार्टी से माफ़ी माँगी है.

शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री शिबू सोरेन भाजपा के पक्ष में कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार हैं.

खुद मुख्यमंत्री शिबू सोरेन तो पत्रकारों के सामने नहीं आए लेकिन हेमंत सोरेन ने बताया कि शिबू सोरेन ने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से समर्थन वापसी पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है.

उनका कहना था कि ये झारखंड के हित में होगा.

हेमंत सोरेन ने कहा कि ग़लतफहमी के कारण भाजपा के कटौती प्रस्ताव के ख़िलाफ़ मतदान हो गया.

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को भाजपा का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलने जाएगा और उन्हें समर्थन वापसी का पत्र सौंपेगा.

समर्थन वापसी

इसके पहले मुख्य सहयोगी भारतीय जनता पार्टी के सरकार से समर्थन वापसी की घोषणा से झारखंड की गठबंधन सरकार अल्पमत में आ गई थी.

झारखंड के मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के कटौती प्रस्ताव के ख़िलाफ़ मतदान किया था.

ये अलग बात है कि सोरेन ने दिल्ली से रांची जाने से पहले फिर ये भी कह दिया कि उन्होंने ग़लती से अपना मत कांग्रेस के पक्ष में डाल दिया था.

शिबू सोरेन के इस क़दम को गठबंधन धर्म के ख़िलाफ़ ठहराते हुए भाजपा की संसदीय समिति ने झारखंड सरकार से समर्थन वापसी का फ़ैसला किया है.

संसदीय समिति की बैठक के बाद भाजपा नेता अनंत कुमार ने कहा, "संसदीय समिति ने कटौती प्रस्ताव के बाद की स्थिति का जायज़ा लिया. झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, जो कि भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री हैं, उन्होंने कटौती प्रस्ताव के ख़िलाफ़ वोट डाला, जिसे संज्ञान में लेते हुए संसदीय समिति ने ये तय किया है कि शिबू सोरेन को दिया जा रहा समर्थन वापस लिया जाए."

पिछले साल झारखंड में विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था.

झारखंड की 81 सदस्यों वाली विधान सभा में भाजपा के 18 , कांग्रेस के 14, झारखंड मुक्ति मोर्चा के 18, झारखंड विकास मोर्चा के 11, राष्ट्रीय जनता दल के 5, जनता दल यूनाइटेड के दो और अन्य दलों के 13 सदस्य हैं.

संबंधित समाचार