कांग्रेस-बसपा कितने पास कितने दूर!

दिग्विजय सिंह
Image caption दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस और बसपा के बीच किसी सौदेबाज़ी से इनकार किया है

संसद में शक्ति परीक्षण के दौरान बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के ज़रिए कांग्रेस को समर्थन देने के बाद उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के प्रति कांग्रेस के रुख़ में नरमी आती दिखाई दे रही है.

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने लखनऊ में गुरूवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके न केवल बसपा के प्रति आभार व्यक्त किया, बल्कि उन्हें अपनी सरकार के कामकाज में सुधार की सलाह दी और समाजवादी पार्टी की निंदा भी की.

एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, ''27 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी के कटौती प्रस्ताव पर मतदान में बहुजन समाज पार्टी ने जो समर्थन दिया है, हम उसके लिए आभार व्यक्त करते हैं. उन्होंने धर्मनिरपेक्ष शक्तियों के पक्ष में वोट दिया इसके लिए धन्यवाद देते हैं.''

लेकिन इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने मायावती को अपनी सरकार के काम काज में सुधार की भी सलाह दी.

उन्होंने कहा, ''प्रदेश में जो भ्रष्टाचार फैला हुआ है उस पर उन्हें कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. क़ानून व्यवस्था में सुधार लाना चाहिए. केंद्र सरकार ने गेंहू ख़रीद में जो 1100 रुपये ख़रीद मूल्य रखा है, उसमें भारी घपला हो रहा है. किसानों को 800-900 रुपयों में गेंहू बेंचना पड़ रहा है.''

दिग्विजय सिंह ने बसपा में शामिल अपराधियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के बारे में मायावती के बयान का स्वागत किया, लेकिन साथ में यह भी याद दिलाया कि उन्होंने एक माफ़िया सरग़ना मुख़्तार अंसारी को ग़रीबों का मसीहा बताया था.

एक सवाल के जवाब में दिग्विजय सिंह ने याद दिलाया कि बसपा लोक सभा चुनाव के बाद से ही केंद्र में कांग्रेस सरकार का समर्थन कर रही है.

कांग्रेस यात्रा

Image caption कांग्रेस के कई नेता मायावती को दलित नहीं 'दौलत की बेटी' कहते थे

दिग्विजय सिंह ने समाजवादी पार्टी समेत 13 दलों के आह्वान पर भारत बंद को पूरी तरह असफल बताया और उस दौरान सरकारी संपत्ति की हानि की निंदा की.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस यात्राएँ चलती रहेंगी, उसमें कोई फ़र्क़ नही आएगा.

कांग्रेस के 125 साल के उपलक्ष्य में पार्टी पूरे देश में यात्राएं चला रही है. उत्तर प्रदेश में यह यात्रा शुरू करते हुए राहुल गांधी ने मायावती सरकार को ग़रीब और दलित विरोधी बताया था.

पहले दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के अन्य नेता सीधे मायावती पर भ्रष्टाचार, पद और पैसे के दुरूपयोग के आरोप लगाते हुए उन्हें दलित नही बल्कि 'दौलत की बेटी' कहते थे.

प्रदेश कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा, 'मायावती सरकार के ख़िलाफ़ जंग जारी रहेगी.'

कांग्रेस नेताओं का कहना है की अगले विधान सभा चुनाव में कांग्रेस सीधे बसपा से टक्कर लेगी.

लेकिन प्रेस कॉंन्फ्रेंस में मौजूद पत्रकारों का कहना था कि दिग्विजय सिंह के स्वर में काफ़ी नरमी थी और यह कांग्रेस और बसापा के बीच नई समझदारी का संकेत हो सकता है.

जानकारों का कहना है कि सीबीआई ने मायावती के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामले में जो पुनर्विचार की बात कही है उसके बाद दोनों दलों के बीच कटुता में कमी आई है. बहरहाल, दिग्विजय सिंह ने दोनों दलों के बीच किसी सौदेबाज़ी से इनकार किया है.

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