फिर साथ होंगे भाजपा-झामुमो?

  • 30 अप्रैल 2010
शिबू सोरेन
Image caption भाजपा के समर्थन से शिबू सोरेन मुख्यमंत्री बने थे

झारखंड में मौजूदा सरकार के भविष्य पर खींचतान जारी है.

एक दिन पहले शिबू सोरेन की सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा के बावजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अभी तक राज्यपाल से मुलाक़ात नहीं की है.

गुरुवार को भाजपा ने दो बार राज्यपाल एमओएच फ़ारूक़ से मिलने का समय मांगा और दोनों बार इसे रद्द कर दिया.

झारखंड भाजपा के महासचिव गणेश मिश्रा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "इस संवेदनशील मुद्दे पर हमारा विचार-विमर्श अभी अधूरा है. इसलिए हमारा प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से नहीं मिल पाया."

इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से भाजपा को एक बार फिर पत्र भेजा गया है.

पत्राचार

पार्टी विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन की ओर से भेजे इस पत्र में कहा गया है कि उनकी पार्टी भाजपा की अगुआई वाली सरकार को समर्थन देने को तैयार है.

दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने इसकी पुष्टि की है कि हेमंत सोरेन की ओर से भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी को पत्र भेजा गया है.

उन्होंने बताया कि पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में विचार-विमर्श के बाद इस पर जल्द ही फ़ैसला कर लिया जाएगा.

दूसरी ओर राँची में एक संवाददाता सम्मेलन में हेमंत सोरेन ने बताया, "राज्य के हित को ध्यान में रखते हुए और राजनीतिक संकट ख़त्म करने के लिए झामुमो विधायक दल ने भाजपा से नई सरकार बनाने का अनुरोध किया है और पार्टी भाजपा सरकार को समर्थन देगी."

उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सरकार बनाना चाहे, तो मुख्यमंत्री शिबू सोरेन अपने पद से त्यागपत्र दे देंगे.

पिछले दिनों लोकसभा में वित्त विधेयक पर कटौती प्रस्ताव पर मतदान के दौरान शिबू सोरेन ने केंद्र सरकार के साथ मतदान किया था. इससे नाराज़ भाजपा ने झारखंड सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की थी.

संबंधित समाचार