मिले और फिर मिलेंगे भारत-पाकिस्तान

मनमोहन-गिलानी
Image caption दोनों पक्षों का कहना था कि मनमोहन गिलानी की बैठक सकारात्मक रही है.

भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों ने तय किया है कि आने वाले दिनों में विदेश मंत्री और विदेश सचिव मुलाक़ातें करेंगे और आपसी विश्वास बढ़ाने के नए रास्ते तलाश करेंगे.

भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव ने बातचीत के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों ने माना कि आपसी विश्वास की कमी है और दोनों देश इस बात पर सहमत हुए हैं कि वर्तमान स्थिति की समीक्षा हो और नए रास्ते तलाश किए जाएं.

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्रियों ने तय किया है कि विदेश मंत्री और विदेश सचिवों को ये ज़िम्मेदारी दी जाए कि आपसी विश्वास कैसे बढ़ाया जाए.’’

निरुपमा राव ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के समक्ष वो सभी मुद्दे रखे जो भारत के लिए चिंता का विषय हैं.

भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई वार्ताओं के दौरान भारत ने साफ़ कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ सभी समस्याओं का हल वार्ताओं के ज़रिए चाहता है लेकिन आतंकवाद के मुद्दे के कारण आगे बढ़ने से हिचकता है.

निरुपमा राव का कहना था, ‘‘प्रधानमंत्री ने आतंकवाद, मुंबई हमले और घुसपैठ जैसे विषयों को उठाया और स्पष्ट किया कि भारत पाकिस्तान की चिंता वाले मुद्दों को भी वार्ताओं के ज़रिए सुलझाना चाहता है लेकिन आतंकवाद के मुद्दे के कारण भारत आगे बढ़ने से हिचकता है.’’

निरुपमा राव का कहना था, ''दोनों नेताओं ने सभी मुद्दों पर बातचीत की और इस बात पर सहमत हुए कि दक्षिण एशिया की प्रगति तभी होगी जब भारत और पाकिस्तान के संबंध सामान्य हों. ''

मुंबई हमलावरों को सज़ा के प्रति गंभीर

भारतीय पक्ष के अनुसार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने ये बातें ध्यान से सुनी और इन्हें माना भी. इसके जवाब में प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान मुंबई हमलों के दोषियों को सज़ा देने के प्रति पूरी तरह गंभीर है.

निरुपमा राव ने कहा, ''पाकिस्तान ने कहा है कि वो अपनी ज़मीन का इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ चरमपंथी गतिविधियों के लिए नहीं होने देगा. साथ ही उन्होंने मुंबई मामले में कार्रवाई के प्रति गंभीरता दिखाई है.''

उधर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत सकारात्मक रही है और ज़रुरत इस बात की है कि दक्षिण एशिया की प्रगति के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी विश्वास का माहौल हो.

कुरैशी ने अपने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पाकिस्तान भी आतंकवाद की समस्या से जूझ रहा है और यह मुद्दा भारत और पाकिस्तान तक सीमित नहीं है बल्कि वैश्विक मुद्दा बन गया है.

दोनों नेताओं के बीच क़रीब पचास मिनट की बातचीत हुई और दोनों नेताओं ने माना कि बैठक सकारात्मक रही है.

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