अजमेर धमाका: एक और गिरफ़्तार

  • 1 मई 2010
बम धमाके (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption गिरफ़्तार किए गए व्यक्ति के परिजनों का कहना है कि उसका शुरुआत से ही झुकाव हिंदू संगठनों के प्रति रहा है

राजस्थान में तकरीबन दो साल पहले अजमेर स्थित दरगाह में हुए विस्फोट के सिलसिले में पुलिस ने मध्य प्रदेश के शाजापुर नामक जगह से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

गिरफ़्तार व्यक्ति का नाम चंद्रशेखर है और उसका संबंध एक कथित हिंदूवादी संगठन से बताया जा रहा है.

चंद्रशेखर को शनिवार को अजमेर की एक अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उसे 12 दिन की हिरासत के लिए पुलिस को सौंप दिया.

पुलिस अभी तक धमाकों के संबध में दो लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है.

इसके पहले अजमेर के देवेन्द्र गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था. वो अभी पूछताछ के लिए 12 दिनों की पुलिस रिमांड पर है.

हिंदूवादी संगठन से संपर्क

राज्य के गृह मंत्री शांति धारीवाल ने कहा है कि पकड़े गए व्यक्तियों का संबध एक प्रमुख हिंदूवादी संगठन से है. लेकिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने कहा कि उसका कोई भी सदस्य ऐसे किसी भी काम में शामिल नहीं होता है.

उधर गिरफ़्तार किए गए देवेन्द्र गुप्ता के परिजनों ने कहा है कि बचपन से ही देवेन्द्र का जुड़ाव हिन्दू संगठनों के प्रति रहा है.

ये धमाके अजमेर में महान सूफी संत खवाज़ा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में 11 अक्टूबर 2007 में हुए थे.

इस घटना में तीन लोग मारे गए थे और पन्द्रह लोग घायल हो गए थे.

राजस्थान पुलिस इस घटना के बाद से ही धमाको में लिप्त तत्वों को पकड़ने के लिए जगह-जगह तलाशी अभियान में लगी हुई है.

गृह मंत्री धारीवाल ने बीबीसी से कहा कि ये बातें सामने आ रही हैं कि गिरफ़्तार व्यक्ति आरएसएस से संबंधित है.

उन्होंने कहा, ''ये तय है कि इन लोगों के तार एक प्रमुख हिन्दू संगठन से जुड़े हैं. हमारे पास इस बात की पुख्ता जानकारी है कि इन लोगों के संपर्क मालेगांव विस्फोट में लिप्त लोगों के साथ हैं. आप थोड़ा इंतजार कीजिए, कुछ अहम खुलासे होंगे.”

खंडन

आरएसएस ने धारीवाल के इस बयान पर सख्त ऐतराज किया है.

आरएसएस के प्रवक्ता के एल चतुर्वेदी ने बीबीसी से कहा, “ये आरोप बेबुनियाद हैं. पकड़े गए लोगों का संघ से कोई संबध नहीं है.

चतुर्वेदी कहते हैं, “कोई भी हिन्दू आतंकवाद जैसे काम में कभी शामिल नहीं होता. हिदुत्व का मतलब सर्वधर्म समभाव होता है. हम ऐसे झूठे आरोप की परवाह नहीं करते, कांग्रेस शुरू से ही ऐसे आरोप लगाती रही है.”

हिरासत में लिए गए देवेन्द्र गुप्ता का परिवार अजमेर में ही रहता है.

उसकी माँ पुष्पा कहती हैं, “मेरा बेटा कभी गलत काम में शामिल नहीं हो सकता. हाँ वो बचपन से ही संघ के निकट रहा है. हमने उसे घर-परिवार में स्थापित करने की बहुत कोशिश की, मगर वो नहीं माना.”

दुखी मन के साथ पुष्पा कहती हैं कि परिवार ने उसे इन सबसे परे रखने के लिए कुछ साल पहले इंदौर भी भेजा. मगर उसने अलग राह चुन ली.

गृह मंत्री धारीवाल के मुताबिक पुलिस ने पुख्ता सबूत के आधार पर ही इन दोनों की गिरफ्तारी की है. पुलिस कई माह से इन पर नजर रखी हुई थी.

बहरहाल अब सबकी निगाह इस जाँच के मुकम्मल होने पर है.

पुलिस अब ये पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उस दिन दरगाह में दुआ के लिए उठे हजारों हाथों में वो कौन-सा हाथ था, जो धमाकों के लिए उठा.

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