एक पत्रकार की मौत

निरुपमा पाठक
Image caption निरुपमा अंतरजातीय विवाह करना चाहती थी लेकिन उसके परिवार वाले तैयार नहीं थे.

झारखंड पुलिस ने कहा है कि वो पत्रकार निरुपमा पाठक की मृत्यु के मामले में हत्या का केस दर्ज करने वाली है.

दिल्ली के एक अख़बार में काम करने वाली निरुपमा की 29 अप्रैल को मौत हुई थी और पोस्ट मार्टम के अनुसार निरुपमा की मौत दम घोंटे जाने से हुई है.

यह मामला दिल्ली में काम करने वाली युवा पत्रकार निरुपमा पाठक का है, जो अंतरजातीय विवाह करना चाहती थी. निरुपमा जिनसे शादी करना चाहती थी उनका नाम प्रियभांशु है और वो भी पत्रकार हैं.

वो बताते हैं, ''उसके घरवाले शादी के लिए तैयार नहीं थे. निरुपमा को बुलाया गया था ये कह कर कि मां की रीढ़ की हड्डी टूट गई है. जिस रात उसकी मौत बताई जा रही है, उसी दिन मुझे निरुपमा ने मैसेज भेजा है कि तुम अपना ध्यान रखना. कुछ ऐसा वैसा मत करना. मैं कैसे मान लूं कि निरुपमा ने आत्महत्या की है.''

रविवार को निरुपमा के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार निरुपमा ने आत्महत्या नहीं की थी बल्कि उसकी मौत ज़बरदस्ती सांस रोके जाने के कारण दम घुटने से हुई है.

पोस्ट मार्टम करने वाले डॉक्टर कहते हैं कि ये हत्या का मामला है. इतना ही नहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट कहती है कि निरुपमा दस से बारह हफ्ते से गर्भवती भी थी.

जब मैंने लड़की के पिता धर्मेंद्र पाठक से बात की तो उनका कहना था, ''भारतीय संस्कृति में क्या बाप बेटी से ये सब पूछता है. हमने उसको पढ़ने भेजा था. वो नौकरी कर रही थी. शादी करना चाहती थी लेकिन हमने उसे कहा था कि करियर पर ध्यान दे. उसने आत्महत्या कर ली.''

कोडरमा में जब मैंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों से बात की तो उन्होंने कहा कि जल्दी ही मामला दर्ज किया जाएगा. थाना प्रभारी राजीव रंजन ने बीबीसी को फोन पर बताया कि जल्दी ही निरुपमा के परिवार वालों के ख़िलाफ़ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाएगा.

निरुपमा के मित्र कहते हैं कि निरुपमा को न्याय दिलाना उनका पहला काम है. उनके मित्र सोमवार को महिला आयोग में शिकायत करने जा रहे हैं. देखना है कि अगर निरुपमा की हत्या हुई है तो स्थानीय पुलिस दोषियों को सज़ा दिला पाती है या नहीं.

संबंधित समाचार