अजमेर हमला: भाजपा पर गंभीर आरोप

अजमेर धमाके
Image caption अजमेर शरीफ़ में 2007 को हुए बम विस्फोट में तीन लोग मारे गए थे

अजमेर शरीफ़ में तीन साल पहले हुए बम विस्फोट के मामले में राजस्थान के गृह मंत्री शांति धारीवाल ने पूर्व भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

धारीवाल ने कहा है कि अजमेर शरीफ़ बम विस्फोट की भाजपा सरकार को पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद सरकार ने जानबूझ कर आँखे मूंदे रखीं, क्योकि इसमें हिंदू संगठन आरएसएस के लोग कथित तौर पर शामिल थे.

गृह मंत्री शांति धारीवाल के इन आरोपों को आरएसएस ने पूरी तरह नकार दिया है.

निराधार

आरएसएस प्रवक्ता कन्हैया लाल चतुर्वेदी कहते हैं, "ऐसी निराधार बातें छोटे मन के लोग ही कह सकते है. संघ का ना तो ऐसे किसी भी काम में विश्वास है ना ही कोई हिन्दू आतंकवाद में शामिल होता है. ये आरोप पूरी तरह से संघ को बदनाम करने की साज़िश है. हम ऐसे आरोपों की परवाह नहीं करते है. संघ तो चिरंतन हिन्दू समाज को संगठित करने का काम करता रहा है.”

राजस्थान के गृह मंत्री ने बीबीसी से कहा कि इस धमाके में मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल किया गया था. एक बिना फटे बम के साथ बरामद मोबाइल फ़ोन से पुलिस को उस व्यक्ति और संगठन तक पहुंचने में मदद मिली जो इसमें शामिल था.

आरोप

धारीवाल कहते हैं, “ये पुख़्ता सुराग मिलने के बाद भी भाजपा सरकार ने इसलिए इन लोगो को गिरफ्तार नहीं किया, क्योंकि ये आरएसएस से जुड़े थे. अब भी भाजपा शासित गुजरात और मध्य प्रदेश राज्यों में हमें वांछित सहयोग नहीं मिल रहा है.”

धारीवाल कहते है ''ये पता तब चला जब राजस्थान में कांग्रेस सरकार सत्ता में आई. अगर भाजपा सरकार ईमानदारी से कार्रवाई करती तो ये पता बहुत पहले ही चल गया होता और समय रहते कसूरवार लोगों को ग़िरफ़्तार किया जा सकता था.”

राज्य के गृह मंत्री कहते है इन धमाकों का मक़सद विभिन्न धर्मो के बीच बने रिश्तो के पुल को ध्वस्त करना था.

अब तक इस मामले मे तीन लोग ग़िरफ़्तार किए जा चुके है. राजस्थान पुलिस ने कुछ और लोगों को ग़िरफ़्तार करने के लिए अपनी टीमें मध्य प्रदेश और गुजरात भेजी हैं.

हज़रत मोईनुद्दीन चिश्ती की पवित्र दरगाह में धमाके तीन साल पहले हुए. लेकिन घटना के रुख़ से नक़ाब उठने में बहुत वक़्त लगा. पुलिस ने एक कथित हिंदू संगठन के दो लोगों को मध्य प्रदेश से और एक व्यक्ति को अजमेर से गिरफ्तार किया है.

वर्ष 2007 की 11 अक्तूबर को दरगाह में आहाता-ए-नूर में बम फटा और इसमें तीन लोग मारे गए जबकि पंद्रह लोग घायल हो गए थे.

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