ग्रामीण नौजवानों का क्या है भविष्य?

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20.28 IST: आज के कार्यक्रम में बस इतना ही. अगली बार फिर हाज़िर होंगे एक नए विषय के साथ. नमस्कार.

20.27 IST: एक श्रोता का कहना है कि गाँव के लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए. दूसरे एक और श्रोता ने कहा कि गाँवों में कंप्यूटर का अभाव होता है

20.26 IST: भदोही के लालचंद तिवारी सरकार को ज़िम्मेदार मानते हैं.

20.24 IST: राजस्थान से एक श्रोता कहते हैं कि गाँव में रहने वाले बच्चों के माता-पिता के पास जानकारी का अभाव रहता है.

20.23 IST: अब्दुल रज़्जाक़ कर्नाटक के रहने वाले हैं. वो पूछते हैं कि गाँव में रहने वाले लोगों को शहर में रहने वाले लोगों की तरह सुविधाएँ क्यों नहीं मिलती.

20.18 IST: प्रतापगढ़ के एक छोटे से गाँव में रहने वाले प्रशांत भगत अभी बैंकाक में मानवाधिकार मामलों पर काम करते है. वो कहते हैं कि अगर ग्रामीण का युवक चाहे तो वो कुछ भी कर सकता है.

20.16 IST: धर्मेंद्र कुमार जो सिवान के हैं, वो कहते हैं सिवान से उनका घर काफी दूर है और छोटे छोटे काम जैसे प्रतियोगिता दर्पण लाने के लिए 20 से 25 किलोमीटर जाना पड़ता है.

20.14 IST: राजीव सिंह राजू कहते हैं कि जब लोग आगे बढ़ रहे थे उस वक्त वो गुल्ली डंडा खेल रहे थे. वो अंडा विक्रेता हैं. उन्होंने अंग्रेज़ी में एमए किया है. वो कहते हैं कि अंग्रेजी में बात नहीं कर पाने की वजह से उन्हे बहुत समस्या आई.

20.10 IST: सवाई माधोपुर से एक और श्रोता ने कहा कि गाँव और शहर में खाई बहुत गहरी है. गाँव में पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं है, कंपटीशन की तैयारी सिर्फ़ शहर में की जा सकती है

20.09 IST: एक श्रीता का कहना है कि वो गाँव के हैं, और गाँव में रहने की वजह से उन्हें कई बार जानकारियाँ नहीं मिल पातीं. वो कहते हैं कि उन्होंने एबीसी कक्षा छ में सीखीं.

20.08 IST: अरुण कुमार को लगता है कि पढ़ाई पूरी करने के लिए उन्हें इलाहाबाद जाना पड़ेगा और गाँव में कमी होने की वजह से वो आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं.

20.05 IST: राजस्थान से सुरेंद्र कहते हैं किं उन्होंने अपनी नौंवीं और दसवीं कक्षा गाँव से पास की. उनको इस बात का दुख है कि गाँव में सुविधाओं की वजह से उन्हें नुकसान हुआ. वो कहते हैं को एमकॉम पास करने के बावजूद उन्हें खेती करनी पड़ रही है. उनका कहना है कि अगर वो शहर में होते तो वो ज़िंदगी में आगे बढ़ पाते.

20.01 IST: पाली, राजस्थान के दिनेश कुमार की शिकायत की है कि शहर में लोग गाँव वालों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते.

20.00 IST: तो शुरू हो या है बीबीसी इंडिया बोल. शामिल हो जाइए इस कार्यक्रम में. राजेश जोशी हैं स्टूडियो में. वो इंतज़ार कर रहे हैं आपका.

19.49 IST: थोड़ी ही देर में राजेश जोशी स्टूडियो पहुँचेंगे. तो आप हो जाइए तैयार अपने सवालों, विचारों के साथ आपके ही अपने इस मंच में.

19.47 IST: अगर आप रेडियो पर होने वाली बहस में हिस्सा लेना चाहते हों तो मुफ़्त फ़ोन कीजिए 1800-11-7000 या 1800-102-7001 पर.

19.46 IST: आज का विषय है ग्रामीण नौजवानों का क्या भविष्य है. क्या वे शहरों के नौजवानों से मुक़ाबला कर पा रहे हैं?

19.45 IST: नमस्कार, बीबीसी इंडिया बोल के इस अंक के साथ मैं हूँ विनीत खरे.

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