कार्यक्षेत्र के दायरे में रहने की सलाह

मनमोहन सिंह
Image caption मनमोहन सिंह के अनुसार न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका की सीमाएं तय हैं

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका को संविधान से मिले अधिकार क्षेत्र को पार नहीं करना चाहिए और जनहित में तीनों अंगों को सामंजस्य के साथ काम करना चाहिए.

बार एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया की स्वर्ण जयंती के अवसर पर आयोजित एक सम्मेलन में उन्होंने कहा, "यह समझा जाता है कि न्यायपालिका, कार्यपालिका या विधायिका, संविधान में दिए गए अधिकारों को पार नहीं करेंगे."

मनमोहन सिंह का यह भी कहना था कि भले ही इनके अधिकार क्षेत्र अलग और स्पष्ट रुप से परभाषित किए गए हैं, लेकिन ऐसी उम्मीद की जाती है कि ये तीनों सामंजस्य के साथ काम करेंगे, ताकि लोगों का ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा हो सके.

अभिन्न अंग

प्रधानमंत्री ने कहा कि तीनों के अधिकारों का विभाजन संविधान की बुनियादी विशेषताओं के रूप में स्वीकार किया जाता है.

उनका कहना था, "इस बात पर सर्वसम्मति है कि देश के ये तीनों अहम अंग न्यायपालिका, कार्यापालिका और विधायिका संवैधानिक प्रावधानों से बंधे हुए हैं. संविधान में उनकी शक्तियां, अधिकारक्षेत्रों, ज़िम्मेदारियां और एक-दूसरे के साथ संबंधों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है."

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