उद्योग जगत को चिदंबरम की सलाह

चिंदबरम
Image caption गृहमंत्री ने माना कि नक्सली प्रभावित इलाक़ों में विकास नहीं हुआ है

केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम का कहना है कि नक्सल प्रभावित इलाक़ों के विकास के लिए उद्योग जगत को सरकार के साथ मिलकर क़दम उठाने की ज़रुरत है.

चिदंबरम ने चेतावनी देते हुए कहा कि नक्सल प्रभावित इलाक़ों के लोगों को उद्योग जगत के अच्छे उद्देशयों पर कोई भरोसा नही है और उद्योग जगत को अब नफ़ा-नुकसान से ऊपर उठकर देखना होगा कि इन इलाक़ों में क्या हो रहा है.

चिदंबरम ने कहा, "हम भले ही तेज़ विकास गति हासिल करने में कामयाब रहे हों पर ये सच है कि नक्सल प्रभावित इलाक़े विकास में पिछड़े हुए हैं."

गृहमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाक़ों तक विकास पहुंचाने के लिए सरकारी तंत्र मौजूद नही है और ये बड़ी चुनौती है.

विकास विरोधी

उनका कहना था, "एक सरकारी स्कूल को बनाने में पांच साल लगते हैं, जबकी नक्सलियों ने वर्ष 2009 में 71 स्कूलों पर हमले किए हैं. ऐसे में उन इलाक़े के छात्रों का क्या होगा?"

उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को चाहिए कि वो ज़मीनी स्तर नक्सलवादियों के दुष्प्रचार का जवाब दें.

चिदंबरम ने कहा, "उद्योग जगत को चाहिए कि वो सरकार के साथ मिल कर काम करे, सरकार के संदेश को जनता तक लेकर जाए , ताकि हम ऐसा विकास हासिल कर सकें , जिसमें सभी शामिल हों."

गृहमंत्री ने दोहराया कि नक्सलवादी विकास विरोधी हैं.

संबंधित समाचार