गडकरी की टिप्पणी से विवाद

  • 13 मई 2010
नितिन गडकरी

राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव और समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी की एक टिप्पणी से विवाद पैदा हो गया है.

भाजपा के कटौती प्रस्ताव पर यूपीए का साथ देने के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद और मुलायम सिंह सीबीआई से डरते हैं.

टेलीविज़न चैनलों ने दिखाया कि चंडीगढ़ में अपनी पहली जनसभा को संबोधित करते हुए गडकरी ने दोनों नेताओं को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के तलुए चाटने वाले की संज्ञा दे डाली.

हालांकि उन्होंने बाद में इस टिप्पणी के लिए खेद जताया है लेकिन लगता नहीं कि यह विवाद सिर्फ़ खेद जता देने भर से ख़त्म हो सकेगा.

'मुहावरा था'

अपने भाषण के दौरान जब नितिन गडकरी कटौती प्रस्ताव पर बोलने लगे तो उन्होंने पहले लालू और मुलायम पर विपक्ष को धोखा देने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि वे केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से डर गए.

समाचार एजेंसियों के अनुसार उन्होंने कहा,"टीवी के सामने तो लालू और मुलायम सुषमा जी के साथ खड़े थे लेकिन बाद में उन्होंने धोखा दिया."

कटौती प्रस्ताव पर साथ देने के लिए गडकरी ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को भी आड़े हाथों लिया और कहा, "बसपा भी कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गई."

हालांकि बाद में भाजपा अध्यक्ष ने एक टेलीविज़न चैनल से हुई बातचीत में अपनी इस टिप्पणी पर खेद व्यक्त किया.

उन्होंने कहा, "मैं सिर्फ़ मुहावरे का प्रयोग कर रहा था और मेरी कही हुई बातों का शाब्दिक अर्थ नहीं लेना चाहिए. मेरे दिमाग़ में ऐसा कुछ नहीं था."

गडकरी ने कहा, "लालू प्रसाद और मुलायम सिंह सम्माननीय नेता हैं. यदि मेरी बातों से उन्हें ठेस लगी हो तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूँ."

उनकी इस टिप्पणी पर अभी लालू प्रसाद और कांग्रेस की टिप्पणी नहीं आई है.

वैसे मुलायम सिंह की पार्टी के अध्यक्ष और उनके बेटे अखिलेश यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी स्वस्थ और स्वच्छ लोकतंत्र पर भरोसा करती है और अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के ख़िलाफ़ अपशब्दों का प्रयोग नहीं करती.

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