मेडिकल काउंसिल भंग करने का फ़ैसला

  • 14 मई 2010
भारत सरकार
Image caption सरकार को एमसीआई का नया चेयरमैन चुनना होगा

केंद्र की यूपीए सरकार ने मेडिकल काउंसिल ऑफ़ इंडिया (एमसीआई) को भंग करने का फ़ैसला किया है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने काउंसिल के संचालन का जिम्मा सात वरिष्ठ डॉक्टरों के एक दल को सौंपने का फ़ैसला भी लिया है.़

एमसीआई के चेयरमैन केतन देसाई के भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ़्तार होने के बाद यह फ़ैसला लिया गया है.

केतन देसाई को गत 22 अप्रैल को घूस लेते हुए सीबीआई ने गिरफ़्तार किया था.

अधिकारियों के अनुसार पंजाब मेडिकल कॉलेज को बिना सुविधा के और छात्रों को भर्ती करने की अनुमति देने के लिए केतन देसाई ने घूस की माँग की थी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार घूस लेते हुए पकड़े जाने के बाद उन्होंने एमसीआई के वाइस चेयरमैन पीसी केशवकुट्टी नायर को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया था. जिसे बाद में स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज दिया गया था.

एमसीआई का मुख्य कार्य देश में मेडिकल शिक्षा के लिए एक समान पाठ्यक्रम तैयार करना और मेडिकल डिग्री को मान्यता देना है.

देश के सभी मेडिकल कॉलेज के लिए यह ज़रूरी होता है कि वह छात्रों की संख्या बढ़ाने या घटाने से पहले या कोई नया कोर्स शुरु करने से पहले एमसीआई से अनुमति ले.

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