मंत्रियों का असहमति जताना गुनाह?

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2029IST: आज का अंक यही तक, फिर मिलेंगे अगले अंक के साथ.

2028IST: विनोद कुमार उत्तर प्रदेश, जब कड़वा बोलते है मंत्री तो उनका मुंह बंद कर दिया जाता है.

2026IST: राय से हित हो तो ठीक पर भावना से खेलें न.

2025IST: विवेक कहते है मंत्री जो कहते है उसके पीछे मर्यादा होनी चाहिए. विचार का मकसद पवित्र होना चाहिए.

2024IST: राय है कहीं भी बोले.

2022IST: राष्ट्रीय एकता पर प्रश्न नहीं बाहर जा कर रखने चाहिए

2021IST: मोहमद सलीम सरकार में रह कर व्यक्तिगत राय नही. पहले सरकार से अलग हो जाए.

2020IST: रोबोट को मंत्री बनाओ, रिंमोट हाथ में रखो. शिवपाल शर्मा, सीकर

2018IST: रमेश ने चीन की कंपनी के पक्ष में बात की , खुद अपने मंत्रालय में क्या किया ये तो बताएं.

2017IST: अमरीका से प्रभुदास गांधी कहते हा विदेश में दुसरे मंत्रालय पर बयान दायरे से बाहर

2015IST: रियाध से विवेक त्रिपाठी मंत्री अपने काम पर ध्यान दे

2013IST: राहुल गोयल सरकार मानती है कि उसकी डिक्टेटरशिप चलती रहे. इसलिए मंत्रियों को चुप करना सरकार चाहती.

2011IST: अतुल वर्मा कहते है गोपनियता की शपथ ली तो बाहर जा कर बात क्यो करते है जब संविधान की शपथ लेते है.

2010IST: जयराम रमेश के बयान देश को नीचा दिखाते है, विवेक

2008IST: गोपनियता की शपथ ली तो अंदर मंत्रीमंडल में ही बात करनी चाहिए, व्यवहारिक रुप से ठीक है.

2007IST: क्या परिवार में हम अंदर की बात बाहर कहें अच्छा लगेगा क्या.

2006IST: मंत्रीमंजल मे बोले बाहर नहीं.

2004 IST: विवेक रंजन का कहना है मंत्रिमंडल की ज़िम्मेदारी सामुहिक होती है, आलोचना नहीं होनी चाहिए.

2004 IST: कांति जोशी, अलमोड़ा से कहते है लाठी की लंबाई वही तक हो जहां तक दूसरे की नाक

2000 IST: अविनाश दत्त प्रस्तुत कर रहे है ये कार्यक्रम, शामिल हो कार्यक्रम में

1920 IST: अगर रेडियो पर होने वाली बहस में आप हिस्सा लेना चाहते हों तो हमें मुफ़्त फ़ोन कीजिए 1800 11 7000 या 1800 102 7001 पर.

1915 IST: बीबीसी इंडिया बोल के इस अंक में आपका स्वागत है. इस बार चर्चा का विषय है -मंत्रियों का सरकार से असहमति जताना गुनाह है?


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