एक नौजवान जो नवी मुंबई को बदलना चाहता है

  • 16 मई 2010
सागर नाइक
Image caption सागर नाइक केवल 23 वर्ष की आयु में नवी मुंबई के मेयर चुने गए हैं

नवी मुंबई महानगर पालिका की बड़ी इमारत की सातवीं मंजिल पर एक शानदार दफ़्तर है. एक टेबल के पीछे चौड़ी सी कुर्सी पर बैठे हैं सागर नाइक, नवी मुंबई के नए मेयर.

वो देखने में इतने कम उम्र के लगते हैं कि कोई भी यक़ीन न करे की कुर्सी पर बैठा नौजवान ही इस शहर का मेयर है.

तेईस वर्षीय सागर पूरे आत्मविश्वास के साथ मुस्कुरा कर हमारा स्वागत करते हैं. पूछा इतनी कम आयु में इस गद्दी पर बैठ कर कैसा लग रहा है, तो उनका कहना था-'नॉर्मल'.

नॉर्मल शायद इसलिए की सागर ने बचपन से ही सत्ता को नज़दीक से देखा है. उनके चाचा गणेश नाइक महाराष्ट्र सरकार में मंत्री है. परिवार में एक सांसद भी हैं और एक भूतपूर्व मेयर भी, और सब के सब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं.

लेकिन वो निजी जीवन में भी 'नॉर्मल' नज़र आते हैं. अपनी उम्र के लोगों की तरह अपने माता पिता के साथ रहते हैं.

पिछले रविवार को मेयर चुने जाने की ख़ुशी में वो अपने दोस्तों के साथ बाहर पार्टी करने जा रहे थे, पर इसके लिए उन्हें अपनी माँ से इजाज़त लेनी पड़ी.

मां की इजाज़त

वो कहते हैं, "ऐसा नहीं है कि मुझे इजाज़त लेनी पड़ती है, लेकिन घर वालों से पूछ कर ही बाहर जाना अच्छा होता है."

नवी मुंबई महानगर पालिका के चुनावों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की भारी जीत मिली, जिसके बाद रविवार को उन्हें शहर का मेयर चुना गया.

लेकिन सागर इतने कम उम्र के बावजूद इस शहर के सब से कम उम्र के मेयर नहीं हैं. उनकी उम्र 23 साल और सात महीने है, जबकि उनके चचेरे भाई 23 साल और एक महीने की ही उम्र में शहर के पहले मेयर बने थे.

अब जब वो सत्ता पर बैठे हैं, नवी मुंबई के लिए उनके पास क्या योजना है.

वो कहते हैं, "कच्ची और अवैध बस्तियों को नए सिरे से बसाना. सड़कें और फ़्लाइओवर बनवाना है. साथ ही उद्योग लगवाना है."

नवी मुंबई, मुंबई की आबादी और उद्योग को कम करने के लिए बसाई गई थी. इस शहर के कई इलाक़े ऐसे हैं जहाँ आप महसूस करेंगे कि किसी विकसित देश में हैं, लेकिन बिजली और पानी की कमी है, उद्योग भी कम हैं. आबादी केवल 12 लाख है. तो क्या इस शहर को बसाने का मक़सद पूरा नहीं हुआ?

सागर इससे सहमत नहीं हैं.

प्राथमिकता

वो कहते हैं, "बिजली की कमी है, एक बिजली घर बनाने की बात चल रही है. पानी की कमी नहीं है और उद्योग को लुभाने का काम जल्द शुरू होगा."

संवैधानिक रूप से मेयर का पद केवल प्रशासन की देखभाल करने के लिए होता है और सारे अहम फ़ैसले ज़िलाधिकारी करते हैं. तो सागर इस कम उम्र में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर सकेंगे? इस पर वो कहते हैं, "ज़िलाधाकारी का मैं बॉस हूँ. मेरे साथ चुने गए प्रतिनिधि हैं. उनके फ़ैसले को लागू करवाने के लिए हम मिलकर काम करेंगे."

सागर नवी मुंबई को एक विशाल और दिलचस्प शहर बनाना चाहते हैं. उनके एक पुराने दोस्त अमित कहते हैं सागर साफ़ बोलने वाले इंसान हैं और कम उम्र और अनुभव की कमी उनके निगेटिव पहलू हैं, पर वो कहते हैं कम उम्र के फ़ायदे भी हैं.

सागर ख़ुश हैं कि अब भारतीय राजनीति में उनके जैसे कम उम्र के लोगों को आने का अवसर मिल रहा है. शायद सागर की नियुक्ति नवी मुंबई की समस्याओं का समाधान हो. फ़िलहाल यह उन्हें भी नहीं मालूम.

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