शादियां ही शादियां

  • 16 मई 2010
पारंपरिक शादी
Image caption भारत में लोग पारंपरिक शादियों में यकीन रखते हैं.

भारत में रविवार को बड़ी संख्या में शादियां होने का अनुमान है क्योंकि आज का दिन शादियों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है.

हिंदू धर्म में इस वर्ष शादियों की काफ़ी कम तिथियां हैं और 16 मई उन इक्का दुक्का शुभ दिनों में से है जिसमें शादियों हो सकती है.

शादियों का आयोजन करने वालों का दावा है कि मुंबई और दिल्ली में आज क़रीब 50 हज़ार शादियां होने वाली हैं.

लेकिन इतनी शादियों के एक ही दिन होने के कारण पुजारियों, खाना बनाने वालों और शादी के हॉलों की कमी पड़ रही है.

रविवार को भारत में अक्षय तृतीया मनाई जा रही है जिसे कोई भी नया कार्य शुरु करने और विशेष कर विवाह के लिए सबसे शुभ माना जाता है.

ज्योतिषी प्रेमिला देवी कहती हैं कि अक्षय तृतीया शुभ मौकों का दिन है. वो कहती हैं, ‘‘ यह सबसे शुभ दिन है जब आप कोई नया कार्य, शादी, बिजनेस या नए घर में शिफ्ट करने जैसा काम कर सकते हैं.’’

इतनी शादियों से फिलहाल तो शादी से जुड़े व्यापार के लोगों की चाँदी हो गई है. बड़े और अमीर लोगों ने दिल्ली और मुंबई में जहां फॉर्महाउसों की बुकिंग की है वहीं होटलों, हॉलों और पार्कों में भी पंडाल बनाकर शादियों का आयोजन किया जा रहा है.

पिछले छह महीने में भारत में शादी को कोई शुभ तिथि नहीं थी.

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