बसपा से कोई समझौता नहीं: राहुल गांधी

फ़ाइल फ़ोटो

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी से किसी प्रकार के समझौते से इनकार करते हुए युवाओं से अगले चुनाव में मायावती सरकार को हराने का आह्वान किया है.

वाराणसी राबर्ट्सगंज मार्ग पर अहरौरा गाँव में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने पहली बार मायावती के ख़िलाफ़ खुलकर हल्ला बोला.

राहुल गांधी का कहना था कि कांग्रेस पार्टी समाज के सभी वर्गों को एक निगाह से देखती हैं और केंद्र सरकार सभी राज्यों में ग़रीबों और पिछडों की मदद के लिए पैसा भेजती है, लेकिन उत्तर प्रदेश में ग़रीबों को रोजगार देने वाली मनरेगा जैसी योजनाएं भी नहीं चलाई जा रही हैं.

माया सरकार को आड़े हाथों लेते हुए राहुल गांधी ने कहा उत्तर प्रदेश में गाँवों में केवल पांच घंटे बिजली आती है.

मायावती के दलितों की सरकार चलाने के दावे का मखौल उड़ाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यहाँ गाँवों में दलितों को पता भी नहीं कि कौन सी सरकार चल रही है.

अपने समर्थकों का हौसला बढाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले चुनाव में आप बीएसपी को हरा देंगे.

बसपा पर निशाना

हाल ही में लोक सभा में मतदान के दौरान बसपा के समर्थन पर सफ़ाई देते हुए राहुल गांधी ने साफ़ किया कि मायावती से किसी तरह का समझौता नही होगा.

उनका कहना था,''ठीक से सुन लीजिए कोई समझौता नही होगा. बीएसपी सरकार को हरा देंगे. युवा हराएगा. उत्तर प्रदेश में भविष्य में कोई समझौता नही होने वाला.''

राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संघर्ष में पूरा साथ देने का वादा किया.

उनका कहना था,''मै खड़ा हूँ. कहीं नही जाने वाला. जहाँ चाहो आने को तैयार हूँ. हम एक साथ मिलकर उत्तर प्रदेश को बदलेंगे.''

लोगों ने राहुल गांधी के भाषण के दौरान बार बार तालियाँ बजाईं और हाथ उठाकर समर्थन का आश्वासन दिया.

यह सभा पहाड़ियों से घिरे एक छोटे से अहिरौरा गाँव में खेतों में हुई, मगर राहुल को सुनने के लिए दूर दूर से बड़ी संख्या में लोग बसों और गाड़ियों से पहुंचे. इनमे आदिवासी महिलाएँ भी थीं.

सभा के अंत में जांघिया बनियान पहने एक आदिवासी ने मंच पर जाकर राहुल गांधी को हाथ से बना एक हैट पेश किया. राहुल ने उसके साथ फोटो खिंचाई. सभा में आए लोग काफ़ी उत्साहित दिख रहे थे.

प्रेक्षकों का कहना है कि राहुल गांधी ने कांग्रेस संदेश यात्राओं के जरिये महज एक महीने में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी संगठन को सक्रिय करके उसे बीएसपी के विकल्प के तौर पर पेश कर दिया है.

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