कनाडा ने वीज़ा देने से मना किया

कनाडा के उच्चायुक्त ने बीएसएफ़ के एक सेवानिवृत्त अधिकारी को ये कहते हुए वीज़ा देने से इनकार कर दिया है कि बीएसएफ़ कश्मीर में मानवाधिकारों के हनन में शामिल अर्धसैनिक बल है.

बीएसएफ़ के पूर्व अधिकारी का नाम फ़तेह सिंह पंढेर है और वो पंजाब के रहने वाले हैं. फ़तह सिंह अपने परिवार के पास कनाडा जाना चाहते थे.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि कनाडा के उच्चायुक्त ने उन्हें एक पत्र लिखकर कहा है कि बीएसएफ़ एक हिंसक अर्धसैनिक बल है इसलिए उन्हें या उनके परिवार को कनाडा जाने का वीज़ा नहीं मिल सकता.

फ़तेह सिंह ने बीबीसी से बातचीत में कहा, “मैंने 2005 में वीज़ा के लिए आवेदन दिया था. मुझे दिसंबर 2009 में जवाब दिया गया कि मुझे और मेरे परिवार को वीज़ा नहीं मिल सकता. दो महीने तक मैं चुप रहा. फिर मार्च में मैने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा और उसकी प्रति गृह और विदेश मंत्रालय और अपने डीजी को दी."

उन्होंने बताया कि उन्हें बीएसएफ़ के डीजी की ओर से पत्र मिला कि मामले पर कार्रवाई की जा रही है लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ.

फ़तह सिंह ने बीएसएफ़ के वर्तमान प्रमुख से मुलाक़ात कर इस मामले में उनकी सहायता करने को कहा है.

उनका कहना है कि मीडिया को कहीं से इस बात की ख़बर लगी और तब से मामला चर्चा में है.

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उन्हें इस बारे में जानकारी मिली है. मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञपति में कहा है कि उन्होंने कनाडा के सामने ये मुद्दा उठाया है.

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