मनमोहन पेश कर रहे हैं सरकार का रिपोर्ट कार्ड

मनमोहन सिंह

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर सोमवार को पत्रकारों से रूबरू हैं.

यूपीए सरकार की दूसरी पारी का शनिवार को एक साल पूरा हो गया है.

मनमोहन सिंह लंबे अर्से बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे हैं.

विश्लेषकों का कहना है कि इस बार देखना है कि वो अपनी सरकार को कितने नंबर देंगे.

पहली यूपीए सरकार के एक साल पूरा होने पर 2005 में जब पत्रकारों ने उनसे पूछा था कि वो अपनी सरकार को कितने अंक देंगे तो उन्होंने कहा था कि वो 10 में से छह अंक देंगे.

प्रधानमंत्री का कहना था कि वो ईमानदारी से महसूस करते हैं कि हम और बेहतर काम कर सकते हैं.

मनमोहन का रिकॉर्ड

गांधी-नेहरू परिवार के अलावा प्रधानमंत्री पद पर सबसे अधिक समय तक बने रहने का भारतीय जनता पार्टी नेता अटल बिहारी वाजपेयी का रिकॉर्ड मनमोहन सिंह तोड़ने जा रहे हैं

हालांकि उनकी इस लंबी पारी में सबसे बड़ा समर्थन गांधी परिवार का ही रहा है.

इस दौरान मनमोहन सरकार कई बार कठघरे में खड़ी नज़र आई.

शर्म अल शेख में बलूचिस्तान को लेकर उठा तूफ़ान हो, बजट पर कटौती प्रस्ताव या फिर जयराम या थरूर विवाद और नक्सलवादियों को लेकर बहस, यूपीए सरकार कई बार संकट में फंसी लेकर उससे उबरने में कामयाब हो गई.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हर नाजुक मौक़े पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पक्ष लेकर उनको मज़बूत किया है.

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