'पाक के साथ आपसी विश्वास की कमी'

मनमोहन सिंह

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने में सबसे बड़ी रूकावट आपसी विश्वास की कमी है.

उन्होंने कहा कि वो इस विश्वास की खाई को पाटने की कोशिश में जुटे हुए हैं.

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के एक साल पूरा होने पर आयोजित पत्रकारवार्ता में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ये भी कहा कि इस प्रयास में वो भारत के राष्ट्रीय हित के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे.

इस बयान पर पाकिस्तान से भी प्रतिक्रिया आई है और उन्होंने कहा है कि इसमें कोई शक नहीं है कि दोनों देशों में विश्वास की कमी है.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने कहा, "दोनों देशों के बीच विश्वास की ठोस नींव रखने की ज़रूरत है जिससे लोग अमन चैन से रह सकें."

उनका कहना था कि पाकिस्तान बातचीत के ज़रिए हर विवाद का हल निकालने को इच्छुक है.

वहीं विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने यूपीए सरकार पर पाकिस्तान के मामले पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया है.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली का कहना था,"पाकिस्तान से बातचीत की शुरूआत करने से पहले क्या प्रधानमंत्री ये आकलन कर चुके हैं कि अब पाकिस्तानी ज़मीन का इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ आतंकवाद के लिए नहीं हो रहा?"

राहुल गांधी

डेढ़ घंटे तक चले संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कई अन्य मुद्दों पर भी बात की.

उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल के मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए दरवाज़े हमेशा खुले हुए हैं.

उनका कहना था कि राहुल गांधी से कई बार मंत्रिमंडल में शामिल होने को कहा गया है लेकिन उन्होंने हर बार पार्टी को मज़बूत करने की इच्छा जताई है.

साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ उनके कोई मतभेद नहीं हैं.

दिल्ली के विज्ञान भवन में लगभग डेढ़ घंटे चली पत्रकारवार्ता में मनमोहन सिंह ने अपनी शैली में जवाब दिए. उन्होंने किसी विषय पर कोई विवादास्पद टिप्पणी नहीं की.

मनमोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी अभी रिटायर होने की कोई योजना नहीं है क्योंकि उन्हें एक ज़िम्मेदारी सौंपी गई है और अभी बहुत से काम अधूरे हैं इसलिए वो रिटायरमेंट के बारे में नहीं सोचते.

दो महिलाएँ

उनसे जब ये पूछा गया कि वो दो महिलाओं- सोनिया गांधी और पत्नी गुरशरण कौर में से किसकी राय को तरजीह देते हैं, तो उनका जवाब था कि वो दोनों की राय को अहमियत देते हैं, पर दोनों अलग अलग विषय पर अपनी राय देती हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि मुद्रास्फीति पर नियंत्रण उनकी प्राथमिकता होगी और आम आदमी प्रभावित न हो.

उन्होंने उम्मीद जताई कि दिसंबर तक महंगाई की दर 5-6 फ़ीसदी लाई जा सकेगी.

मनमोहन सिंह का कहना था कि राज्य सरकारों के साथ मिलकर कीमतों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी.

बयानबाजी पर कड़ा रुख़

विभिन्न मंत्रियों की बयानबाजी पर उन्होंने कड़ा रुख़ अपनाया और कहा कि हर हफ़्ते कैबिनेट की बैठक होती है और मंत्रियों की अपनी राय व्यक्त करने का अवसर होता है, इसलिए उन्हें सार्वजनिक रूप से राय व्यक्त नहीं करनी चाहिए.

मनमोहन सिंह ने कहा कि वो कहते आए हैं कि नक्सलवाद देश की सबसे बड़ी आंतरिक समस्या है और इससे विकास प्रभावित होता है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि मतगणना में जाति को शामिल करने पर अभी कैबिनेट को फ़ैसला लेना है.

छोटे राज्यों के सवाल पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिया और वो इसके पक्ष में हैं या नहीं, इस बारे में कुछ नहीं कहा.

विवादास्पद दूरसंचार मंत्री राजा का वो बचाव करते नज़र आए, मनमोहन सिंह ने कहा कि राजा ने उन्हें बताया है कि स्पेक्ट्रम के बारे में उन्होंने नीति के आधार पर फै़सला किया है.

पहली यूपीए सरकार के एक साल पूरा होने पर 2005 में जब पत्रकारों ने उनसे पूछा था कि वो अपनी सरकार को कितने अंक देंगे तो उन्होंने 10 में से छह अंक दिए थे लेकिन इस बार प्रधानमंत्री इसको टाल गए और कहा कि ये जनता तय करेगी.

स्पेक्ट्रम विवाद

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट के मुद्दे पर विवादों में घिरे संचार मंत्री ए राजा बचाव किया.

प्रधानमंत्री ने कहा, “मैंने राजा से बात की है. ख़ुद राजा ने मुझे बताया है कि स्पेक्ट्रम देने में उन्हीं नीतियों को लागू किया जो 2003 से भाजपा की अगुआई वाली एनडीए सरकार के समय में मौजूद थीं और अब भी उन्हीं नीतियों का पालन हो रहा है. इन नीतियों को ट्राई से मंजूरी मिली हुई है.”

ग़ौरतलब है कि ए राजा पर मोबाइल कंपनियों को 2जी स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट में अनियमतता बरतने के आरोप लगते रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्रीय सतर्कता आयोग को जो शिकायतें मिलीं थीं सीबीआई उनकी जांच कर रही है.

मनमोहन सिंह ने कहा, “वो प्रक्रिया जारी है. उस जांच के पूरा होने से पहले मेरे लिए इस मुद्दे पर कोई राय व्यक्त करना उपयुक्त नहीं होगा.”

उन्होंने कहा कि जांच के बाद अगर किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार पाया गया तो सरकार कार्रवाई करेगी.

संबंधित समाचार