पूर्वी उत्तर प्रदेश में आंधी से तबाही

  • 25 मई 2010
आंधी से उखड़ा पेड़
Image caption आंधी से कई पेड़ों के अलावा बिजली के खंबे भी उखड़ गए.

रविवार शाम साढ़े पांच बजे उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और उसके आसपास के ज़िलों में चलने वाली तेज़ रफ़्तार आंधी ने भारी तबाही मचाई. गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर और देवरिया ज़िलों में अब तक कम से कम 16 लोगों के मरने की ख़बर है.

सबसे अधिक तबाही देवरिया ज़िले में हुई है जहां सात व्यक्तियों के अलावा कई मवेशियों के भी मारे जाने की ख़बर है.

बिजली के पांच सौ से भी अधिक खंबे उखड़ चुके हैं जिसके चलते विद्युत आपूर्ति रुक गई है.

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के गोरखपुर ज़ोन के मुख्य अभियंता रवींद्र कुमार ने बीबीसी को बताया कि लगभग 20 घंटे की मशक्कत के बाद देवरिया शहर में बिजली बहाल कर दी गई है लेकिन ग्रामीण इलाक़ों में बिजली की आपूर्ति में तीन-चार दिन लग सकते हैं.

आंधी

रविवार शाम महाराजगंज में ओले भी पड़े और गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर में तेज़ हवाओं के साथ बारिश भी हुई.

Image caption देवरिया ज़िले के ग्रामीण इलाक़ों में खंबे उखड़ने से बिजली की आपूर्ति रुक गई है.

सड़कों के किनारे खड़े पेड़ों के गिरने से देर रात तक गोरखपुर-वाराणसी राजमागर्ग के अलावा देवरिया और कुशीनगर के रास्ते भी अवरुद्ध गो गए जहां घंटों जाम की स्थिति रही.

गोरखपुर विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग के प्रोफ़ेसर और मौसम विज्ञानी शिवशंकर वर्मा के मुताबिक पखवाड़े भर की तपिश के बाद पिछले सप्ताह ‘लैला’ की आमद की वजह से इस क्षेत्र में अचानक बही पुरवा हवाओं की नमी ने निम्न वायु दबाव का क्षेत्र बना दिया था.

प्रोफ़ेसर वर्मा के अनुसार ऐसी ‘लो प्रैशर बेल्ट’ में हवाएं चक्रवाती स्वरूप ले लेती हैं जिससे उनकी विनाशक क्षमता बढ़ जाती है.

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