दार्जिलिंग में तनाव, धारा 144

दार्जिलिंग
Image caption दार्जिलिंग में एक नेता की हत्या के बाद तनावपूर्ण स्थिति है

पश्चिम बंगाल के उत्तरी पहाड़ी इलाक़े दार्जिलिंग में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा की रैली को रोकने के लिए धारा 144 लगा दी गई है.

उत्तर बंगाल के पुलिस महानिरीक्षक केएल टमटा ने कहा है कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा की रैली को रोकने के लिए और शांति सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस इलाक़े में धारा 144 लगा दी गई है.

इस रैली को घुम के स्थान पर रोक लिया गया है जिसमें गोरखा जनमुक्ति के अध्यक्ष बिमल गुरुंग के नेतृत्व में लगभग दो हज़ार लोग कलिमपोंग से दार्जिलिंग के लिए आ रहे थे. क़ाफ़िले में सौ से अधिक गाड़ियां थीं.

इस रैली विरोध में और इसे रोकने के लिए डेमोक्रेटिक फ़्रंट के तीन-चार हज़ार लोग रास्ते में लेट गए जिससे हिंसा की आशंका बढ़ गई थी.

जानकारों का कहना कि बिमल गुरूंग और उनकी पार्टी गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने अपनी खोई हुई ज़मीन हासिल करने के लिए और हारी बाज़ी जीतने के लिए इस रैली का आयोजन किया था.

टकराव

याद रहे कि पिछले शुक्रवार को अखिल भारतीय गोरखा लीग के अध्यक्ष मदन तमांग की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी जिसके बाद दार्जिलिंग क्षेत्र में तनाव फैल गया था और इसके बाद से शहर में एक अघोषित बंद जैसी स्थिति बनी हुई है.

पुलिस ने बिमल गुरुंग के अलावा उनके दल कुछ अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं पर मदन तमांग की हत्या की साज़िश का केस दर्ज किया था. बिमल गुरुंग ने इन आरोपों का पुरज़ोर खंडन किया था.

पुलिस ने इस संबंध में पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है.

कहा जाता है कि इसके बाद से जनमुक्ति मोर्चा के ख़िलाफ़ इस क्षेत्र में एक वातावरण बन रहा है.

मदन तमांग की अंतिम यात्रा में क़रीब 20 हज़ार लोगों ने भाग लिया था.

अखिल भारतीय गोरखा लीग और गोरखा जनमुक्ति के बीच गोरखालैंड के मुद्दे पर मतभेद रहे हैं.

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