राठौर को अब डेढ़ साल की सज़ा

रुचिका
Image caption रुचिका ने वर्ष 1993 में आत्महत्या कर ली थी

रुचिका गिरहोत्रा से छेड़छाड़ और आत्महत्या के मामले में हरियाणा की एक अदालत ने पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसपीएस राठौर की सज़ा को छह महीने से बढ़ाकर डेढ़ साल करने और उन्हें गिरफ़्तार कर जेल भेजने का फ़ैसला सुनाया है.

सीबीआई की विशेष अदालत ने एसपीएस राठौर को पिछले साल दिसंबर में छह महीने की सज़ा सुनाई थी.

इस फ़ैसले को बहुत कम बताते हुए रुचिका गिरहोत्रा के परिजनों और सीबीआई दोनों ने अदालत में अलग-अलग याचिका लगाई थी जिस पर सुनवाई के बाद यह फ़ैसला सुनाया गया है.

इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ एसपीएस राठौर ने भी अपील की थी लेकिन अदालत ने उसे ख़ारिज कर दिया.

यह मामला 20 साल पुराना है.

अगस्त 1990 में 14 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी रुचिका गिरहोत्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला प्रकाश में आया था. उस समय एसपीएस राठौर हरियाणा पुलिस में महानिरीक्षक थे और साथ ही पंचकुला में हरियाणा लॉन टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष भी थे.

इस घटना के तीन साल बाद अगस्त, 1993 में रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी.

फ़ैसला

अदालत ने अपने फ़ैसले में एसपीएस राठौर की सज़ा छह महीने से बढ़ाकर डेढ़ साल कर दी है और पुलिस को आदेश दिए हैं कि राठौर को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया जाए.

Image caption राठौर की यह मुस्कान उन पर भारी पड़ गई

इस फ़ैसले के बाद एसपीएस राठौर इस अदालत में ज़मानत की याचिका दर्ज नहीं कर सकेंगे.

हालांकि वे इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ वे पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं.

गिरहोत्रा परिवार के वकील पंकज भारद्वाज ने फ़ैसले के बाद अदालत के बाहर पत्रकारों को बताया कि अदालत ने सीबीआई और गिरहोत्रा परिवार की याचिका स्वीकार कर ली है और सज़ा बढ़ाई है.

उन्होंने कहा, "अब एसपीएस राठौर को जेल जाना होगा."

सीबीआई के वकील सीएस शर्मा ने सज़ा बढ़ाए जाने के फ़ैसले पर संतुष्टि ज़ाहिर की है.

इस फ़ैसले पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए रुचिका के पिता सुभाष गिरहोत्रा ने कहा, "आख़िर न्याय मिला."

उल्लेखनीय है कि जब एसपीएस रौठौर को छह महीने की सज़ा सुनाई गई थी तो वे अदालत से मुस्कुराते हुए बाहर निकले थे. जिसकी तस्वीर प्रकाशित होने के बाद लोगों ने नाराज़गी ज़ाहिर की थी.

इसके बाद से देश भर में यह बहस चल पड़ी थी कि एक गंभीर अपराध के लिए बहुत देर से सज़ा मिली वह भी बहुत कम.

फिर राठौर के ख़िलाफ़ दो नए मामले भी दर्ज किए गए थे. इन नए मामलों की जाँच सीबीआई कर रही है और इन मामलों में आरोप पत्र दाखिल किया जाना अभी शेष है.

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