धमाके में 25 के मारे जाने की आशंका

पटरी से उतरी ट्रेन (एसटीआर/ एएफ़पी /गेटी इमेजेज़)
Image caption विस्फोट के बाद पटरी से उतरे डिब्बों का टेलीविज़न से लिया गया चित्र (एसटीआर/ एएफ़पी /गेटी इमेजेज़)

पश्चिम बंगाल में हावड़ा से मुंबई आ रही 2102 ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस का इंजन और 13 डिब्बे एक धमाके के बाद पटरी से उतरने की घटना में, शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, कम से कम 25 लोगों की जानें गई हैं.

रेल अधिकारियों का कहना है कि कई लोग बोगियों में फंसे हुए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है.

यह विस्फोट गुरुवार देर रात खड़गपुर-टाटानगर सेक्शन में हुआ है.

रेल मंत्री ममता बनर्जी घटनास्थल पर पहुँच गई हैं और उन्होंने मृतकों के परिवारों को पाँच-पाँच लाख और घायलों को एक-एक लाख रुपये के मुआवज़े का आश्वासन दिया है.

उनका कहना था कि इस घटना के पीछे माओवादियों का हाथ होने की आशंको को नकारा नहीं जा सकता है.

विस्फोट के बारे में दक्षिणपूर्वी रेलवे के मुख्य सूचना अधिकारी सौमित्र मजुमदार ने बीबीसी को बताया, "विस्फोट बहुत शक्तिशाली था और जैसे ही 13 डिब्बे पटरी से उतरे वैसी ही दूसरी रेल लाइन पर आ रही एक मालगाड़ी इन डिब्बों से टकरा गई. कई लोगों के हताहत होने की आशंका है लेकिन फ़िलहाल इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है."

इस सेक्शन में रेल यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया है. इस इलाक़े को माओवादियों के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है लेकिन अधिकारियों ने इस मामले में फ़िलहाल माओवादियों या किसी अन्य संगठन का हाथ होने की बात नहीं कही है.

पाँच डिब्बे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है. कम से कम 14 डॉक्टरों और 20 से अधिक सहायकों का चिकित्सक दल घटनास्थल पर मौजूद है. रेलवे के डिविज़नल रेलवे मैनेजर और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी वहीं मौजूद हैं.

'रेलवे, फ़ौज के डॉक्टर पहुँचे'

ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस हावड़ा से मुंबई जाती है और गत रात भारतीय समायानुसार 10 बजकर 55 मिनट पर हावड़ा से चली थी.

सालडीहा और खेमासूली के बीच (खड़गपुर टाटानगर सेक्शन) से गुज़रते वक़्त एक बड़ा धमाका हुआ.

रेलवे अधिकारी सौमित्र मजुमदार ने बताया कि इंजन के साथ-साथ जो 13 डिब्बे पटरी से उतरे उनमें दस आम स्लीपर क्लास के डिब्बे, एक अनारक्षित डिब्बा, एक पैंट्री वैन और एक अन्य क्लास का डिब्बा था.

उनके अनुसार उस क्षेत्र में पहुँचाना कुछ मुश्किल है. घटनास्थल पर रेलवे के 12 डॉक्टर, उस इलाक़े के वायुसेना हवाए अड्डे के दो डॉक्टर और 20 अन्य चिकित्साकर्मी वहाँ मौजूद हैं और प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं.

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