तोड़फोड़ की कार्रवाई है- चिदंबरम

Image caption सवारी गाड़ी को एक मालगाड़ी ने टक्कर मार दी

केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के पटरी से उतर जाने की घटना को तोड़फोड़ की कार्रवाई बताया है.

उन्होंने कहा, "रेल की पटरी उखाड़े जाने के कारण यह घटना हुई है, यह तोड़फोड़ की कार्रवाई है, अभी इस बात की जाँच चल रही है कि पटरी को उखाड़ने के लिए विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया या नहीं."

केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया है कि नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ़) के चार दल घटनास्थल पर भेजे गए हैं.

ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस में सवार यात्रियों की सूची देखने के लिए क्लिक करें

उन्होंने कहा, "ज़रूरी उपकरणों के साथ 132 कर्मी दुर्घटनास्थल पर पहुँच गए हैं जहाँ वे राज्य सरकार और रेलवे अधिकारियों की मदद कर रहे हैं."

मुंबई जा रही ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के पटरी से उतर जाने के कारण 68 लोग मारे गए हैं और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं, अधिकारियों का कहना है कि फिशप्लेट उखाड़े जाने के कारण रेल पटरी से उतर गई.

रेलवे पुलिस के अधिकारी दिलीप मित्रा ने बताया कि आधी रात के थोड़ी ही देर बाद यात्रियों को मुंबई से कोलकाता ले जा रही ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे पश्चिम मिदनापुर ज़िले के सरडीहा स्टेशन के क़रीब पटरी से उतर गए और दूसरी ओर से आ रही मालगाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी.

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने कहा है कि नक्सलवादियों के ख़िलाफ़ अभियान तेज़ किया जाएगा.

राज्य के पुलिस महानिदेश भूपिंदर सिंह ने कहा है कि मामले की विस्तार से जाँच की जा रही है लेकिन उन्होंने कहा पुलिस को अब तक जो जानकारियाँ और घटनास्थल से जो पोस्टर मिले हैं उसके अनुसार यह माओवादियों का ही काम है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीसीपीए नाम के एक संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है, पीपुल्स कमेटी अगेंस्ट पुलिस एट्रोसिटीज़ (पीसीपीए) के नाम के साथ छपे इन पोस्टरों में कहा गया है कि उस इलाक़े में सुरक्षा बलों को हटाया जाए क्योंकि "वे मासूम लोगों पर अत्याचार कर रहे हैं."

मगर पीसीपीए के प्रवक्ता असित महतो ने समाचार एजेंसी पीटीआई को फ़ोन करके कहा है कि यह हमला उनके संगठन ने नहीं किया है, न ही उनका संगठन इस हमले में किसी भी तरह से शामिल है. पोस्टरों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "अगर कोई हमारे नाम से ज़िम्मेदारी स्वीकार कर ले तो हम क्या कर सकते हैं?"

मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह माओवादियों का काम है, उनके ख़िलाफ़ अभियान तेज़ किया जाएगा, पूरे राज्य और देश को ख़तरे से मुक्ति दिलाने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएँगे."

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ बुद्धदेव भट्टाचार्य ने कहा है कि यह कठिन काम है लेकिन इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं है.

उन्होंने कहा, "हमने सत्तर और अस्सी के दशक में नक्सलवादियों को पराजित कर दिया था लेकिन राज्य से बाहर आंध्र प्रदेश जैसी जगहों से वे फिर सिर उठाने लगे हैं, हम राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इस चुनौती का सामना कर रहे हैं."

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने कहा, "उन्होंने काला सप्ताह की घोषणा की थी और हमने उसके हिसाब से पुलिस बंदोबस्त भी किया था लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि मासूम लोगों के ख़िलाफ़ वे ऐसा घृणित आपराधिक कृत्य करेंगे."

रेल मंत्री ममता बनर्जी वायुसेना के हेलीकॉप्टर से घटनास्थल पहुँचीं और और उन्होंने माओवादियों की धमकी के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा मुहैया न कराने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार को दोषी ठहराया.

रेल मंत्री ने मृतकों के परिवारों को पाँच लाख और घायलों को एक-एक लाख रुपये के मुआवज़े का भी ऐलान किया.

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