सीबीआई जाँच से इनकार

मिदनापुर रेल दुर्घटना
Image caption अधिकारियों का कहना है कि रेल की पटरी में हुई तोड़फोड़ की वजह से ट्रेन के 13 डिब्बे पटरी से उतरे

पश्चिम बंगाल सरकार ने मिदनापुर में तोड़फोड़ के बाद हुए रेल हादसे की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से करवाने की ममता बैनर्जी की माँग को ठुकरा दिया है.

केंद्र सरकार ने कहा है कि उसे संदेह है कि इस तोड़फोड़ के पीछे माओवादियों का हाथ हो सकता है और पश्चिम बंगाल पुलिस कह रही है कि उसके पास इस बात के सबूत हैं कि तोड़फोड़ माओवादियों ने की थी.

माओवादियों ने शुरु में इसका खंडन किया था लेकिन अब कहा है कि यदि उनके संगठन के किसी व्यक्ति का इसमें हाथ हुआ तो उसे दंडित किया जाएगा.

लेकिन माओवादी यह भी कहते रहे हैं कि इसके पीछे पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ वामपंथी गठबंधन का नेतृत्व कर रही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) का हाथ हो सकता है.

जबकि ममता बैनर्जी ने भी इसके पीछे राजनीतिक षडयंत्र की बात कही थी.

उल्लेखनीय है कि गत 28 मई को ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पश्चिमी मिदनापुर के पास पटरी से उतर गई थी और उसके बाद उससे मालगाड़ी टकरा गई थी. इस दुर्घटना में 140 से अधिक लोगों की मौत गई थी और बड़ी संख्या में यात्री घायल हुए थे.

अधिकारियों का कहना है कि हादसे की वजह पटरी में हुई तोड़फो़ड है.

ममता की मांग ख़ारिज

पश्चिम बंगाल की वामपंथी सरकार ने तृणमूल कांग्रेस की नेता और केंद्रीय रेलमंत्री ममता बैनर्जी की इस मांग को सिरे से ख़ारिज कर दिया है कि मिदनापुर रेल हादसे की सीबीआई जाँच होनी चाहिए.

दरअसल ममता बैनर्जी की मांग के बाद केंद्रीय गृहमंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव अर्धेन्दु सेन को एक पत्र भेजकर सीबीआई जाँच के लिए राय माँगी है.

गृहमंत्री पी चिदंबरम के अनुसार, "रेल मंत्रालय ने हादसे की सीबीआई जाँच की माँग की थी और हमने इस बारे में राज्य सरकार की राय मांगी है."

लेकिन राज्य सरकार की ओर से सीबीआई जाँच की माँग को ख़ारिज कर दिया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार राज्य के गृह सचिव समर घोष ने कहा, "सीआईडी इस मामले की जाँच कर रही है और उसकी जाँच काफ़ी आगे बढ़ चुकी है, ऐसे में हमें नहीं लगता कि किसी समानांतर जाँच की ज़रुरत है."

इस बीच रेल मंत्रालय ने हादसे के लिए दर्ज एफ़आईआर में हत्या, हत्या का प्रयास, आपराधिक षडयंत्र और तोड़फोड़ का मामला जुड़वाया है.

आमतौर पर ट्रेन हादसों की जाँच रेलवे के सुरक्षा आयुक्त करते हैं लेकिन अधिकारियों का कहना है कि चूंकि इस मामले में तोड़फोड़ और आपराधिक षडयंत्र दिखाई पड़ रहा है इसलिए इसकी जाँच सीआईडी कर रही है.

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