पश्चिम बंगाल नगर निगम में तृणमूल का बोलबाला

तृणमलू कॉंग्रे के समर्थक (रॉयटर्स/पार्थ सान्याल)

पश्चिम बंगाल नगर निगम चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने वामपंथी दलों को पीछे छोड़ दिया है.

अच्छे प्रदर्शन के बाद ममता बनर्जी ने तत्काल पश्चिम बंगाल की वामपंथी सरकार को बर्ख़ास्त करने की मांग नहीं की.

उनका कहना था, ''मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य हार की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए कभी इस्तीफ़ा नहीं देंगे....हम चुनावों के निर्धारित समय का इंतज़ार करेंगे, हालांकि बंगाल के लोगों ने अपने मन की बात साफ़ कर दी है.''

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी का कोलकाता पहुँचते ही भव्य स्वागत हुआ और वो ये तय करने में जुट गईं कि कोलकाता नगर निगम का नेतृत्व कौन करेगा.

चुनाव से पहले कांग्रेस को 'साइनबोर्ड' क़रार देने के बावजूद ममता बनर्जी ने कहा कि वो 2011 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे के विरोध में नहीं हैं.

दूसरी ओर पश्चिम बंगाल वाम मोर्चे के प्रमुख बिमान बोस ने कहा, ''हम लोगों के फ़ैसले का आदर करते हैं.''

सीपीएम नेता मोहम्मद सलीम ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि ये सही है कि कोलकाता में वाममोर्चे की हार हुई है लेकिन अन्य नगर निगमों में हमने बुरा प्रदर्शन नहीं किया है.

मोहम्मद सलीम ने कहा, ''कोलकाता के बाहर 2009 के संसदीय चुनावों की तुलना में हमारी स्थिति सुधरी है. लेकिन हम पूरी तरह से सफल नहीं रहे हैं.''

कोलकाता में जीत

उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस ने प्रतिष्ठित कोलकाता नगर निगम चुनाव में जीत हासिल की है.

प्रतिष्ठित कोलकाता नगर निगम में तृणमूल कांग्रेस ने 141 वार्डों में से 95 पर कब्ज़ा कर लिया है, वामपंथियों को 32 और कांग्रेस को 10 वार्डों में सफलता हासिल हुई है. इसके अलावा बीजेपी ने तीन और आरजेडी ने एक सीट पर जीत हासिल की है.

तृणमूल ने कोलकाता से सटे साल्ट लेक के नाम से जाने जाने वाले बिधाननगर नगर निगम में भी जीत दर्ज की है.

इसके अलावा अन्य 79 नगर निगमों में से तृणमूल ने अभी तक 24 पर जीत हासिल की है, वाममोर्चे को 17 और कांग्रेस को सात पर जीत हासिल हुई है.

लेकिन 31 नगर निगमों में किसी को बहुमत हासिल नहीं हुआ है और वहाँ तृणमूल बोर्ड गठन के लिए कांग्रेस के साथ बातचीत कर रही है.

विधानसभा का रिहर्सल

वित्त मंत्री और पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रमुख प्रणव मुखर्जी ने ममता बनर्जी को बधाई दी है और कहा कि वो लोगों के फ़ैसले को स्वीकार करते हैं.

दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा,''पहले तो मैं ममता बनर्जी को कोलकाता और अन्य जिलों में अच्छे प्रदर्शन के लिए बधाई देना चाहता हूँ. मैं स्वीकार करता हूँ कि कांग्रेस अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई. मैं लोगों के फ़ैसले को स्वीकार करता हूँ.''

प्रणव मुखर्जी ने कहा कि ये कहना मुश्किल होगा कि कांग्रेस को कितना नफ़ा नुक़सान हुआ लेकिन पार्टी ने कुछ स्थानों पर अच्छा प्रदर्शन किया है और कुछ पर ख़राब.

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में रविवार को 81 स्थानीय निकायों के लिए मतदान हुआ था जिसमें से कई स्थानों पर हिंसा हुई थी.

इन चुनावों में कांग्रेस, वामपंथी और तृणमूल कांग्रेस अलग अलग मैदान में थे.

पिछले चुनावों में 81 में से 54 स्थानीय निकायों पर वामपंथी दलों का कब्ज़ा था.

ग़ौरतलब है कि 1997 में राज्य के नेताओं के साथ उभरे गंभीर मतभेदों के बाद ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस का गठन किया था और एक दशक के भीतर ही तृणमूल कांग्रेस ने एक मज़बूत विपक्ष की भूमिका संभाल ली है.

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