इंडियन मुजाहिदीन पर प्रतिबंध

पुणे विस्फोट
Image caption पुणे की जर्मन बेकरी में हुए धमाके के लिए इंडियन मुजाहिदीन को ज़िम्मेदार माना जा रहा है

भारत सरकार ने इस्लामी चरमपंथी संगठन 'इंडियन मुजाहिदीन' को प्रतिबंधित कर दिया है.

इंडियन मुजाहिदीन पर दिल्ली, मुंबई, बंगलौर, वाराणसी और पुणे जैसे शहरों में कई बम धमाके करने का आरोप है जिनमें कुल मिलाकर 500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा है, "इंडियन मुजाहिदीन और उससे जुड़ी सभी संस्थाओं को अवैध गतिविधि निरोधक क़ानून (1967) के तहत प्रतिबंधित संगठनों की सूची में डाल दिया गया है."

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि इंडियन मुजाहिदीन पहले से प्रतिबंधित संगठन सिमी का ही बदला हुआ रूप है जिसका नियंत्रण पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के हाथों में है.

इस सूची में आने वाले संगठनों के संदिग्ध सदस्यों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के मामले में पुलिस ढेर सारे अतिरिक्त अधिकार मिल जाते हैं.

इस संगठन के साथ संबंध रखने का दोषी पाए जाने पर दो से सात वर्ष तक की सज़ा हो सकती है.

इंडियन मुजाहिदीन को मिलाकर प्रतिबंधित संगठनों की सूची में कुल 35 नाम हैं, इसमें अल क़ायदा, एलटीटीई, जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन, माओइस्ट कम्युनिस्ट सेंटर (एमसीसी) और अल्फ़ा जैसे संगठन शामिल हैं.

इंडियन मुजाहिदीन पर दिल्ली, बंगलौर और मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके करने का आरोप है, उसका नाम पहली बार 2005 में वाराणसी में हुए बम धमाकों के बाद आया था.

इंडियन मुजाहिदीन का अब तक का सबसे बड़ा कथित हमला 2005 में दिल्ली में दीपावली के ठीक पहले हुआ था जिसमें 66 लोग मारे गए थे.

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