ओबामा नवंबर में भारत आएँगे

हिलेरी क्लिंटन और एस एम कृष्णा
Image caption इस वार्ता को दोनों देशों के संबंधों में मज़बूती की ओर एक और क़दम माना जा रहा है

भारत के साथ अमरीकी रिश्ते को और सुदृढ़ करने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नवंबर में भारत आने की घोषणा की है.

उन्हें पिछले साल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत आने का निमंत्रण दिया था जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया था लेकिन तारीख़ की घोषणा अब की गई है.

इस घोषणा के लिए उन्होंने भारत और अमरीका के विदेशमंत्रियों के बीच वार्ता के समापन पर आयोजित भोज का अवसर चुना.

इससे पहले दोनों विदेशमंत्रियों की बीच हुई रणनीतिक वार्ता के बाद अमरीकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि भारत और अमरीका के रिश्तों को लेकर दोनों देशों के लोगों में जो संदेह है उसे दूर किया जाना चाहिए और इस वार्ता से वह काफ़ी हद तक दूर होगा.

उधर भारतीय विदेशमंत्री एसएम कृष्णा ने हिलेरी क्लिंटन के समक्ष मुंबई हमलों में शामिल रहे डेविड हेडली से पूछताछ का अवसर देने की माँग दोहराई है.

ओबामा की यात्रा

चूंकि राष्ट्रपति ओबामा ने मनमोहन सिंह का निमंत्रण पहले ही स्वीकार कर लिया था इसलिए उम्मीद की जा रही थी कि वे भारत यात्रा की तिथि घोषित कर सकते हैं, लेकिन फिर भी उनकी इस घोषणा को भारत-अमरीका रिश्ते में मज़बूती की ओर एक और क़दम माना जा रहा है.

बराक ओबामा ने कहा, "मेरा सुनिश्चित मत है कि अमरीका और भारत का रिश्ता इक्कीसवीं सदी की सबसे अहम साझेदारी होगी. "

अमरीकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जिस समय दोनों देशों के भीतर इस रिश्ते को लेकर लोगों को संदेह है.

विदेश मंत्रियों की वार्ता के बाद संवाददाता सम्मेलन में हिलेरी क्लिंटन ने इस संदेह की बात भी की.

उन्होंने कहा कि भारत में लोगों को चिंता होती है कि अमरीका पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान की वजह से भारत को तरजीह दे रहा है और एक बार यदि अमरीका अफ़ग़ानिस्तान से निकल गया तो कोई नहीं पूछेगा.

उनका कहना था कि दूसरी ओर अमरीका के लोगों को लगता है कि भारत अपने पड़ोसी देशों के अलावा किसी मुद्दे पर कोई भूमिका निभाना नहीं चाहता और उन्हें लगता है कि पता नहीं ये रिश्ते देर तक चलेंगे या नहीं.

हिलेरी क्लिंटन का कहना था कि दोनों देशों के बीच हुई इस रणनीतिक बातचीत से लोगों का यह संदेह या चिंता दूर हो जाएगी.

एक सवाल के जवाब में हिलेरी क्लिंटन ने दोहराया कि अमरीका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता के मुद्दे पर उसके साथ है.

हेडली से पूछताछ

दूसरी ओर भारतीय विदेशमंत्री एसएम कृष्णा ने वार्ता के दौरान डेविड हेडली का नाम लिए बिना यह उम्मीद जताई कि अमरीका मुंबई हमलों के अभियुक्तों से भारत को पूछताछ करने देगा.

उल्लेखनीय है कि अमरीकी प्रशासन के आश्वासन के बाद भारत से राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) का एक दल अमरीका पहुँचा हुआ है लेकिन वहाँ के अधिकारियों ने अभी तक ऐसे कोई संकेत नहीं दिए हैं जिससे पता चले कि भारतीय दल को पूछताछ की अनुमति कब मिलेगी.

उल्लेखनीय है कि मुंबई हमलों में क़रीब 170 लोग मारे गए थे. अमरीकी नागरिक डेविड हेडली को यह पता चलने के बाद गिरफ़्तार किया गया था कि उसने मुंबई के हमलावरों को सहायता उपलब्ध करवाई.

दोनों नेताओं के बीच वार्ता में प्रदूषणरहित ऊर्जा उत्पादन, कृषि, तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई.

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