फ़र्ज़ी मुठभेड़ के आरोप में मेजर निलंबित

  • 6 जून 2010
विरोध प्रदर्शन
Image caption कथित फर्ज़ी मुठभेड़ में हत्या के मुद्दे पर घाटी में भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे

भारतीय सेना के मुताबिक़ उस मेजर को निलंबित कर दिया गया है जिन पर फर्ज़ी मुठभेड़ करके तीन नागरिकों को जान से मारने का आरोप है.

सेना के उत्तरी कमान के लेफ्टिनेंट जनरल बी एस जायसवाल ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कथित फर्ज़ी मुठभेड़ में शामिल कमांडिंग आफिसर को कमांड से हटा दिया गया है.

उन्होंने कहा, “घटना में शामिल कमांडिंग ऑफिसर को कमांड से हटा दिया गया है और उनके एक कनिष्ठ अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है. इस कदम से आप लोगों को समझना चाहिए कि दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने में हम कितने गंभीर हैं.”

यह कथित फर्ज़ी मुठभेड़ इस साल मई महीने में भारत पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के पास मच्छिल में हुई थी.पुलिस जांचकर्ताओं ने ख़ुलासा किया है कि मारे गए नागरिकों का अपहरण करके उन्हें गोली मारी गई थी.

पुलिस की जाँच से पता चला कि तीनों युवकों को सेना का एक जवान बहका कर ले गया था और फिर उनकी हत्या कर दी गई थी. कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ के मुद्दे पर कश्मीर घाटी में हज़ारों लोगों ने प्रदर्शन किया था.

प्रमोशन की चाह में मुठभेड़

माना जाता है कि इस घटना में शामिल मेजर तीन चरमपंथियों को मारने का दावा करके जल्दी पदोन्नति चाहते थे.

सेना ने इस मामले में पुलिस जांच में सहयोग करने का आश्वासन दिया था, साथ ही अपने स्तर पर भी जांच का आदेश दिया था.

राज्य सरकार ने भी एक उच्च स्तरीय मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है. कश्मीर डिविजन की आयुक्त नसीम लंकर से कहा गया कि वे दो हफ़्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट दें.

फर्ज़ी मुठभेड़ में शामिल लोगों के उजागर होने का यह मामला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कश्मीर यात्रा के ठीक पहले आया है. भारतीय प्रधानमंत्री सोमवार को श्रीनगर पहुंच रहे हैं.

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