'एंडरसन के ख़िलाफ़ अब भी मुक़दमा चल सकता है'

  • 8 जून 2010

क़ानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा है कि भोपाल गैस त्रासदी के सिलसिले में यूनियन कार्बाइड के पूर्व प्रमुख वॉरन एंडरसन के ख़िलाफ़ मुक़दमा ख़त्म नहीं हुआ है.

दिल्ली में उन्होंने कहा कि जहाँ तक एंडरसन का संबंध है तो मामला ख़त्म नहीं समझा जाना चाहिए.

वीरप्पा मोइली का कहना था कि सीबीआई ने जो चार्जशीट दाख़िल की है उसमें एंडरसन का नाम शामिल है.

क़ानून मंत्री ने कहा, “सीबीआई ने चार्जशीट दायर की थी. उसके बाद कोर्ट आरोप तय करती है. लेकिन यहाँ एक व्यक्ति ऐसा है जिसने सम्मन का जवाब नहीं दिया है और न आरोपों का जवाब दिया. वो फ़रार है और उन्हें भगौड़ा घोषित किया जा चुका है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि एंडरसन के ख़िलाफ़ मामला बंद हो चुका है.”

अदालत का फ़ैसला

भोपाल गैस त्रासदी मामले में 25 साल बाद सोमवार सात जून को अदालत का फ़ैसला आया था. अदालत ने आठ दोषियों को दो-दो साल की सज़ा सुनाई है और एक-एक लाख का जु्र्माना भी लगाया गया है.

इसमें यूनियन कार्बाइड से जुड़े केशव महिंद्रा, वीपी गोखले, किशोर कामदार, एसपी चौधरी, आरबी रॉय चौधरी, केवी शेट्टी, जे मुकुंद और एसआई कुरैशी शामिल हैं. दोषियों को कुछ ही मिनटों में ज़मानत भी मिल गई थी.

इस मामले में यूनियन कार्बाइड के प्रमुख वॉरेन एंडरसन फ़रार घोषित किए गए हैं,फ़ैसले में उनके बारे में कुछ नहीं कहा गया.

सोमवार को क़ानून मंत्री ने कहा था कि सरकार हाई कोर्ट में भोपाल गैस त्रासदी मामले को फ़ास्ट ट्रेक करवाएगी.

89 वर्षीय एंडरसन त्रासदी के समय अमरीका में यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन के प्रमुख थे. वे अमरीका में ही रहते हैं.

अमरीका ने उम्मीद जताई है कि इस मामले से भारत-अमरीका संबंधों पर असर नहीं पड़ेगा और न्यायिक फ़ैसले के बाद प्रभावित परिवार इस मामले को बंद कर पाएँगे.अदालत के फ़ैसले को लेकर गैस पीड़ितों में भारी असंतोष है.

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