ग़रीबों के मुद्दे उठाएँगे:एनएसी

राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की पहली बैठक दिल्ली में हुई जिसमें सदस्यों ने सहमति जताई कि एनएसी का मु्ख्य काम सामाजिक नीति पर सरकार को सलाह देना रहेगा.

बैठक की अध्यक्षता सोनिया गांधी ने की. परिषद के अन्य सदस्यों ने भी बैठक में हिस्सा लिया जिसमें एमएस स्वामीनाथन, अरूणा रॉय, अनु आघा और हरश मंदर जैसी हस्तियाँ शामिल हैं.

सोनिया गांधी ने सूचना का अधिकार और मनरेगा जैसी योजनाओं में पूर्व एनएसी के योगदान का उल्लेख किया.

परिषद की बैठक में तय किया गया कि सरकार की मुख्य योजनाओं की समीक्षा की जाएगी और उनके क्रियान्वन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए सुझाव दिए जाएँगे.

इस बात पर भी सहमति जताई गई कि मुख्य ज़ोर ग़रीबों पर केंद्रित योजनाओं पर रहेगा.

एजेंडा

जिन मुख्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने पर सहमति हुई उनमें खाद्य सुरक्षा बिल, अल्पसंख्यकों का कल्याण, शिक्षा का अधिकार, पूर्वोत्तर का विकास, शहरों में ग़रीबी उन्मूलन और भूमि सुधार जैसे मुद्दे शामिल हैं.

सलाहकार परिषद की अगली बैठक एक जुलाई को होगी जिसमें खाद्य सुरक्षा बिल पर विचार किया जाएगा.परिषद के सदस्यों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मुलाक़ात की.

राष्ट्रीय सलाहकार परिषद का गठन इस साल एक जून को किया गया था. परिषद के अध्यक्ष का पद सोनिया गांधी ने दूसरी बार संभाला है.

पहली बार यूपीए सरकार बनने पर वर्ष 2004 में सोनिया गांधी ने ये पद संभाला था, पर लाभ का पद संभालने का आरोप लगने पर उन्होंने मार्च 2006 में इससे इस्तीफ़ा दे दिया था. और साथ ही लोक सभा की सदस्यता से भी इस्तीफ़ा दे दिया था.

हालांकि वर्ष 2006 में सोनिया गांधी रायबरेली से फिर से लोक सभा के लिए चुन लीं गईं थीं.

इसके बाद यूपीए सरकार ने ऐसा विधेयक पेश किया था जिसमें 56 पदों को लाभ के पद से बाहर रखा गया था जिसमें एनएसी अध्यक्ष पद भी शामिल था.

विपक्ष के विरोध के बावजूद संसद में ये विधेयक मई, 2006 में पारित हो गया था.

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