'तेल रिसाव का असर 9/11 जैसा'

ओबामा
Image caption तेल के रिसाव की वजह से ओबामा काफ़ी चिंतित हैं

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि मेक्सिको की खाड़ी में तेल का रिसाव अमरीकी लोगों पर उसी तरह का असर डाल रहा है जिस तरह की ग्यारह सितंबर के हमलों ने डाला था.

एक अमरीकी वेबसाइट को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि "यह घटना आने वाले दिनों में पर्यावरण के प्रति हमारे विचारों को एक नई शक्ल देगी."

ओबामा ने कहा, "ग्यारह सितंबर की घटना ने जिस तरह सुरक्षा और ख़तरों के बारे में हमारी सोच को बदल दिया उसी तरह यह घटना पर्यावरण और ऊर्जा के बारे में आने वाले वर्षों में हमारी सोच को बदलने वाली है."

उन्होंने कहा, "मेरे नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही है कि इस रिसाव की घटना से हम सही सबक़ सीखें."

ओबामा ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उनके जीवनकाल में पेट्रोलियम ऊर्जा पर निर्भरता ख़त्म हो पाएगी लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वे "ऊर्जा के कारोबार को बेहतर बनाने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाश करने की दिशा में काम करेंगे."

माना जा रहा है कि तेल का रिसाव अमरीका में पर्यावरण नीति में कई अहम बदलावों का कारण बन सकता है.

सोमवार को बराक ओबामा तेल रिसाव से प्रभावित इलाक़े का चौथी बार दौरा कर रहे हैं और रात वहीं बिताने वाले हैं.

व्हाइट हाउस लौटकर इसी मामले पर मंगलवार को वे राष्ट्र को संबोधित करेंगे.

उनके एक निकट सहयोगी ने पत्रकारों को बताया कि वे अपने संबोधन में भविष्य में उठाए जाने वाले कुछ अहम क़दमों की घोषणा करने वाले हैं.

ओबामा अब तक तीन बार लुइज़ियाना गए थे और इस बार वे अलाबामा, मिसीसिपी और फ्लोरिडा भी जा रहे हैं जहाँ तेल रिसाव का असर दिखने लगा है.

बहुराष्ट्रीय पेट्रोलियम कंपनी बीपी ने तेल के रिसाव को रोकने के लिए एक कुप्पी समुद्र तल में उतारी है जिससे हर रोज़ 15 हज़ार बैरल तेल जमा किया जा रहा है लेकिन रिसाव को रोका नहीं जा सका है.

एक अनुमान के मुताबिक़ कुप्पी लगाए जाने से पहले तक हर रोज़ चालीस हज़ार बैरल तेल का रिसाव होता रहा है.

बीपी का संकट

बीपी का कहना है कि तेल का रिसाव साफ़ करने में डेढ़ अरब डॉलर से अधिक रक़म खर्च होगी, इसके अलावा मुआवज़े की बीपी की देनदारी अरबों डॉलर में हो सकती है.

तेल का रिसाव शुरू होने के बाद से कंपनी के शेयरों की क़ीमतें भी लगातार घट रही हैं और बीपी के आला अधिकारी अब इस बात पर विचार कर रहे हैं कि शेयरधारकों को इस बार डिविडेंड यानी लाभांश दिया जाए या नहीं.

अमरीकी सरकार ने बीपी ने कड़ा दबाव बनाया है और उससे कहा जा रहा है कि वह लाभांश बाँटने की जगह मेक्सिको की खाड़ी की सफ़ाई पर पहले ध्यान दे.

बीपी के निदेशक मंडल के सदस्य लाभांश के मामले पर चर्चा करने वाले हैं लेकिन बहुत जल्दी किसी तरह की घोषणा होने की संभावना नहीं है.

बीपी के शीर्ष अधिकारियों की बुधवार को अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाक़ात होने वाली है.

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