ज़हरीले कचरे की सफ़ाई होगी

भोपाल में यूनियन कार्बाइड का कारखाना
Image caption यूनियन कार्बाइड में अभी भी सैकड़ों टन ज़हरीला कचरा है

भोपाल गैस कांड पर पुनर्गठित मंत्रियों के समूह ने फ़ैसला किया है कि यूनियन कार्बाइड के कारखाने में मौजूद ज़हरीले कचरे की सफ़ाई करवाई जाएगी.

इसके अलावा यूनियन कार्बाइड के प्रमुख वारेन एंडरसन के प्रत्यर्पण के लिए नए सिरे से प्रयास करने का भी फ़ैसला किया गया.

मंत्रिमंडल के समूह ने रविवार को लगातार तीसरे दिन बैठक की. इस बैठक के बाद गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि सोमवार को रिपोर्ट को अंतिम रुप दिए जाने की संभावना है और इसके बाद दोपहर तक प्रधानमंत्री को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी.

गृह मंत्री पी चिदंबरम इस नौ सदस्यीय पुनर्गठित मंत्रिमंडलीय समिति (जीओएम) के अध्यक्ष हैं.

ज़हरीला कचरा

रविवार को हुई बैठक में पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने यूनियन कार्बाइड कारखाने में ज़हरीले कचरे से जु़डी जानकारियाँ दीं.

इसके बाद फ़ैसला लिया गया कि केंद्र सरकार वहाँ ज़हरीले कचरे की सफ़ाई के लिए मध्यप्रदेश सरकार को सहायता देगी.

इस बैठक में नेशनल इंवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट (नीरी) ने सुझाव दिया है कि ज़हरीले कचरे को गहरे गड्ढे में दबा दिया जाए और परिसर की सफ़ाई की जाए.

बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि ज़हरीला कचरा साफ़ करने के अलावा कारखाने की मशीनों और कलपुर्जों का क्या किया जाए. इसके साथ ही आसपास के इलाक़ों में पीने से स्वच्छ जल के इंतज़ाम आदि पर भी चर्चा हुई.

इस बात पर भी चर्चा हुई कि इस कांड से पर्यावरण को हुए नुक़सान की भरपाई कैसे की जाए.

यूनियन कार्बाइड के कारखाने में अभी भी लगभग 350 टन ज़हरीला कचरा होने का अनुमान है.

पैकेज

25 साल से इंसाफ की आस लगाए गैस पीड़ितों को उस समय भारी धक्का लगा था जब सात जून को इस मामले में भोपाल की एक अदालत ने दोषियों को सिर्फ़ दो साल की सज़ा सुनाई और फिर उन्हें उसी समय ज़मानत दे दी गई.

स्वयंसेवी संगठनों और राजनीतिक दलों ने फ़ैसले पर भारी विरोध जताया था.

एंडरसन को देश से भागने देने में मदद के सवाल पर पीड़ित, मीडिया और विपक्षी दल सभी सरकार पर निशाना साधने लगे. इसी के बीच मंत्री समूह का पुनर्गठन किया गया.

इस मंत्री समूह में केंद्रीय कानून मंत्री एम वीरप्पा मोइली, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद, सड़क परिवहन मंत्री कमलनाथ, रसायन मंत्री एम के अज़ागिरि, पर्यटन मंत्री कुमारी शैलजा, शहरी विकास मंत्री एस जयपाल रेडडी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वीराज चौहान और पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश शामिल हैं.

मंत्रियों का समूह इस बात पर भी विचार कर रहा है कि 1984 में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों को दिए जाने वाले मुआवज़े में बढ़ोतरी की जाए.

योजना आयोग ने पहले से ही गैस कांड के पीड़ितों के लिए 982 करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी दे दी है.

प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के समूह को निर्देश दिया था कि वें जल्द से जल्द बैठक करें और 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करें.

मंत्री समूह ने अब तक हुई बैठकों में राहत, पुनर्वास एवं क़ानूनी विकल्पों सहित विभिन्न पहलुओं पर विचार किया है.

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