भोपाल गैस त्रासदी: मंत्री समूह सौंपेगा रिपोर्ट

भोपाल

भोपाल गैस त्रासदी से संबंधित मंत्रियों का समूह (जीओएम) सोमवार को अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सौंपेगा.

सोमवार को रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा, उसके बाद रिपोर्ट प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सौंप दी जाएगी.

इसके पहले मंत्रिमंडल के समूह ने रविवार को लगातार तीसरे दिन बैठक की.

इस बैठक के बाद गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि सोमवार को रिपोर्ट को अंतिम रुप दिए जाने की संभावना है और इसके बाद दोपहर तक प्रधानमंत्री को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी.

गृह मंत्री पी चिदंबरम इस नौ सदस्यीय पुनर्गठित मंत्रिमंडलीय समिति के अध्यक्ष हैं.

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भोपाल गैस त्रासदी से संबंधित जीओएम को 10 दिनों के अंदर यानी 22 जून तक अपनी रिपोर्ट कैबिनेट को सौंपने का निर्देश दिया था.

कचरा गंभीर समस्या

पी चिदंबरम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि मंत्री समूह राहत, पुनर्वास और क़ानूनी विकल्पों सहित विभिन्न पहलुओं पर विचार कर रहा है.

Image caption स्वयंसेवी संगठनों और राजनीतिक दलों ने फ़ैसले पर भारी विरोध जताया है

बैठक में यूनियन कार्बाइड के कारखाने में मौजूद ज़हरीले कचरे की सफ़ाई करवाने पर विचार किया गया.

यूनियन कार्बाइड के कारखाने में अब भी लगभग 350 टन ज़हरीला कचरा होने का अनुमान है.

ग़ौरतलब है कि भोपाल गैस पीड़ितों को उस समय भारी धक्का लगा था जब सात जून को इस मामले में भोपाल की एक अदालत ने दोषियों को सिर्फ़ दो साल की सज़ा सुनाई और उन्हें ज़मानत भी मिल गई थी.

स्वयंसेवी संगठनों और राजनीतिक दलों ने फ़ैसले पर भारी विरोध जताया था.

इसके बाद यूनियन कार्बाइड के पूर्व प्रमुख वारेन एंडरसन को देश से जाने देने के सवाल पर पीड़ित, मीडिया और विपक्षी दल सभी सरकार पर निशाना साधने लगे.

इसी के बीच मंत्री समूह का पुनर्गठन किया गया.

इस मंत्री समूह में केंद्रीय क़ानून मंत्री वीरप्पा मोइली, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद, परिवहन मंत्री कमलनाथ, रसायन मंत्री एमके अषागिरी, पर्यटन मंत्री कुमारी शैलजा, शहरी विकास मंत्री जयपाल रेडडी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वीराज चौहान और पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश शामिल हैं.

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