आतंकवाद का मुद्दा उठाएगा भारत

निरुपमा राव
Image caption निरुपमा राव बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुँच गई हैं

भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के लिए अपने समकक्ष सलमान बशीर से बातचीत कर रही हैं.

मुंबई में नवंबर, 2008 में हुए आतंकवादी हमलों के बाद भारत के किसी वरिष्ठ अधिकारी की यह पहली पाकिस्तान यात्रा है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार बैठक में दोनों देशों के बीच सभी समस्याओं पर बात होगी और जुलाई में होने वाली विदेश मंत्रियों की मुलाक़ात के लिए एजेंडा तय किया जाएगा.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि पाकिस्तान और भारत के विदेश सचिवों की बैठक में दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श किया जाएगा.

भारतीय उच्चायोग के अधिकारी के अनुसार भारत का चरमपंथ के ख़ात्मे पर बल रहेगा क्योंकि ये दोनों देशों के बीच विश्वास में कमी और संबंधों में तनाव की मुख्य वजह है.

विश्वास बहाली की कोशिश

ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी मार्च के अंत में सार्क शिखर सम्मेलन के अवसर पर भूटान में मुलाक़ात की थी और विश्वास की बहाली पर सहमति जताई थी.

बाद में भूटान से लौटते ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि सार्क शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच संपर्क की बहाली की दिशा में आशा से बढ़ कर प्रगति हुई थी.

भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों की यह बैठक इस मुलाक़ात की एक कड़ी है और दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली पर मुख्य रूप से बात होगी.

माना जा रहा है कि भारत इस बैठक में आतंकवाद का मुद्दा उठाएगा और लश्करे लैबा और जैशे मोहम्मद जैसी जेहादी गुटों के ख़िलाफ कार्रवाई के लिए पाकिस्तान पर भी दबाव डालेगा.

भारत सरकार को चिंता है कि जेहादी गुट फिर से सक्रिय हो रहे हैं जिसकी पुष्टि पाकिस्तानी अधिकारियों ने भी कर दी है.

'चरमपंथ है मुद्दा'

मंगलवार को पाकिस्तान की ख़ुफिया एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को एक रिपोर्ट दी जिसमें कहा गया कि पंजाब प्रांत में 17 प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन धार्मिक सभाओं अथवा कल्याणकारी कार्यों के नाम पर चंदा वसूल रहे हैं.

Image caption मुंबई में नवंबर, 2008 में हुए आतंकवादी हमलों के बाद भारत के किसी वरिष्ठ अधिकारी की यह पहली पाकिस्तान यात्रा है

मुंबई हमला करने के आरोप में गिरफ्तार ज़की उर रहमान लखवी सहित छह अभियुक्तों को न्याय के कटघरे तक पहुँचाने के लिए भी इस बैठक में भारत का ज़ोर रहेगा साथ ही जमात-उल-दावा के प्रमुख हाफिज़ सईद पर भी बात होगी.

भारत सरकार हाफिज़ सईद को मुंबई हमलों का मुख्य साज़िशकर्ता मानती है जो पाकिस्तान में एक आज़ाद नागरिक के हैसियत से रह रहे हैं.

निरुपमा राव ने पाकिस्तान आने से पहले दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा,"भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में बहुत उतार-चढ़ाव आते रहे हैं, पिछले साठ वर्षों में बहुत सारी कठिनाइयाँ रही हैं, हम वहाँ इन कठिनाइयों और जटिलताओं को समझने के लिए खुले नज़रिए के साथ जा रहे हैं."

उन्होंने कहा कि आतंकवाद दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा है और इस पर वे बात करेंगी.

भारतीय विदेश सचिव ने बताया,''अगर भारत और पाकिस्तान को संबंध बेहतर करने हैं और विकास की ओर ध्यान देना है तो आतंकवाद को ख़त्म करना होगा.''

ख़बरें हैं कि भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से भी मुलाक़ात करेंगी लेकिन औपचारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है.

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