'बांग्लादेशी उच्चायोग पर हमले का ख़तरा'

शेख हसीना रिश्ते बेहतर करने के लिए दिल्ली आई थीं

ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर पश्चिम बंगाल पुलिस को हिदायत दी गई है कि कोलकाता स्थित बांग्लादेशी उप उच्चायोग की सुरक्षा बढ़ाई जाए क्योंकि 'इस्लामी चरमपंथी और पूर्वोत्तर के अलगाववादी उसे निशाना बना सकते हैं.' दिल्ली स्थित उच्चायोग को ख़तरा होने की बात भी सामने आई है.

कोलकाता के पुलिस अधिकारियों ने नाम न दिए जाने की शर्त पर भारत की केंद्रीय ख़ुफ़िया एजेंसियों से मिली जानकारी के बारे में बताया है.

उनका कहना है कि बांग्लादेश स्थित कट्टरपंथी संगठन हरकत-उल जिहाद अल-इस्लामी (हूजी) संगठन कोलकाता स्थित बांग्लादेशी उप उच्चायुक्त के दफ़्तर या फिर दिल्ली स्थित बांग्लादेशी उच्चायुक्त के दफ़्तर को जल्द ही किसी भी समय निशाना बनाया जा सकता है.

विश्लेषकों का कहना है कि चाहे ऐसे हमले का कोई विशेष निशाना न हो लेकिन इससे संबंध सामान्य बनाने में जुटी भारत और बांग्लादेशी सरकारों को शर्मिदगी हो सकती है.

सुरक्षा विशेषज्ञ बीनू घोष का कहना है, "ऐसे हमले से इस्लामी कट्टरपंथी अपनी बचाव की मुद्रा से बाहर आ पाएँगे और भारत-बांग्लादेश के बीच रिश्ते ख़राब होंगे."

हूजी इसलिए नाराज़ है क्योंकि बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार ने इस्लामी कट्टरपंथियों पर नकेल कसी है, वे 1971 की पाकिस्तानी सेना का समर्थन करने वालों के ख़िलाफ़ युद्धापराध के मामले चलाना चाहती हैं और भारत से रिश्ते बेहतर करने के प्रयास कर रही हैं.

उधर असम का अलगाववादी संगठन अल्फ़ा भी बांग्लादेशी सुरक्षा बलों की अल्फ़ा के ख़िलाफ़ कार्रवाई से नाराज़ हैं.

'नेताओं के बीच हुई बातचीत'

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना था, "पश्चिम बंगाल में उत्तर से दाख़िल होने वाले हूजी के सदस्यों के बारे में हमें चेतावनी मिली है. हमारे पास कुछ जानकारी है कि वे किन इलाक़ों में जा सकते हैं.

उधर केंद्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "कट्टपंथियों के बीच हो रही ख़ासी बातचीत, जिसकी ख़िफ़िया एजेंसियों को जानकारी है, उसके आधार पर संकेत मिले हैं कि हमले की किसी तरह की योजना और तैयारी की जा रही है...हूजी नेताओं को बीच हुई बातचीत से पता चला है कि बांग्लादेशी उप उच्चायोग इसलिए निशाने पर है क्योंकि वहाँ हमला करना आसान है."

कोलकाता स्थित बांग्लादेशी उप उच्चायोग के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने कुछ देर से दफ़्तर के आसपास सुरक्षा की कमी की ओर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है.

ये दफ़्तर एक फ़्लाईओवर के नीचे स्थित है और वहाँ से गेनेड जैसे विस्फोटक फेंके जा सकते हैं. अधिकारियों का ये भी कहना है कि वीज़ा पाने वालों की कतार में भी हथियार लिए कोई हमलावर शामिल हो सकता है.

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