जम्मू में तीन अख़बारों के दफ़्तर 'सील'

अमरनाथ यात्रा (फ़ाइल फ़ोटो)

भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में जम्मू ज़िला प्रशासन ने तीन स्थानीय अख़बारों के दफ़्तरों को 'सील' कर दिया है. इन संस्थाओं पर 'राज्य में ग़लत ख़बर छाप कर सांप्रदायिक सदभावना को नुकसान पहुँचाने' का आरोप गया है.

उधर इन अख़बारों के मालिकों ने कहा है कि ये प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है.

जम्मू के ज़िला अधिकारी मनोज द्विवेदी ने गुरुवार मध्यरात्रि को 'अर्ली टाइम्स, शैडो और ग्लिम्पसिस ऑफ़ फ्यूचर' के दफ़्तरों और छापेख़ानों को सील करने के आदेश जारी किए थे.

प्रशासन का आरोप है कि अनंतनाग के शिव मंदिर के बारे में और अमरनाथ यात्रियों पर पत्थराव के बारे में ग़लत ख़बरें छापकर इन अख़बारों में स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की है.

ज़िला अधिकारी का कहना था, "ये जानबूझकर राज्य में सांप्रदायिक सदभाव को क्षति पहुँचाने के मक़सद से किया गया."

स्थानीय मैजिस्ट्रेट्स के नेतृत्व में पुलिस दस्तों ने इन अख़बारों के दफ़्तरों और छापेखानों पर छापे मारे लेकिन किसी को गिरफ़्तार नहीं किया.

उधर अर्ली टाइम्स के मुख्य संपादक बंसी लाल गुप्ता ने कहा, "हम सच लिखते हैं और अस्ली तस्वीर पेश करते हैं लेकिन सरकार को ये हज़म नहीं होता. हम लगाता वो सब नहीं छाप सकते जो वो (सरकार) चाहते हैं."

उधर वर्ष 2008 में अमरनाथ बोर्ड को ज़मीन दिए जाने के बारे में उठे विवाद के बाद अस्तित्व में आई अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति ने शनिवार को जम्मू में बंद का आहवान किया है. उसने इसका कारण 'कश्मीर में पर्यटकों पर हुए हमलों और अमरनाथ यात्रा में विघ्न पैदा करना' दिया है.

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