शिवशंकर मेनन चीन की अहम यात्रा पर

फ़ाइल चित्र
Image caption शिवशंकर मेनन जून में भी चीनी प्रतिनिधियों से मिले थे

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन शनिवार को बीजिंग में चीन के शीर्ष नेताओं से मुलाक़ात करेंगे.

शिवशंकर मेनन तीन से छह जुलाई तक चीन की अहम यात्रा पर हैं. उनका ये दौरा पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी की चीन यात्रा से कुछ दिन पहले आयोजित किया गया है.

माना जा रहा है कि चीन की ओर से पाकिस्तान को परमाणु रिएक्टर देने के प्रस्ताव और अन्य द्विपक्षीय मु्द्दों पर बातचीत होगी.

भारत-चीन सीमा विवाद के लिए चीन के विशेष दूत दाई बिंगुओ से भी शिवशंकर मेनन से मिल सकते हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के विशेष दूत शिवशंकर मेनन कई विवादित विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे और इस बातचीत के नतीजों से भारत-चीन संबंधों की दिशा तय होगी.

पिछले कई दशकों में ऐसा पहली बार हुआ है कि भारत ने चीन मामलों के लिए विशेष दूत को नियुक्त किया है. शिवशंकर मेनन चीन में भारतीय राजदूत भी रह चुके हैं.

पाकिस्तान को लेकर चिंता

तनावपूर्ण रिश्तों के बाद पिछले कुछ महीनों में भारत-चीन संबंधों में कुछ सुधार देखा गया है. दोनों देशों ने कूटनीतिक संबंध स्थापित होने के 60 साल भी पूरे किए हैं. इस साल मई में भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने चीन का दौरा किया था.

लेकिन पाकिस्तान के साथ परमाणु सहयोग को लेकर फिर से भारत-चीन संबंधों में तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है.

चीन की योजना है कि वो पाकिस्तान को दो परमाणु रिएक्टर देगा हालांकि भारत और अमरीका ने इस पर चिंता प्रकट की है. हालांकि चीन ने अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा है.

माना जा रहा है कि छह जुलाई से शुरु हो रही पाकिस्तानी राष्ट्रपति की चीन यात्रा के दौरान कुछ घोषणा हो सकती है.चीन 46 देशों वाले न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप को पहले ही सूचित कर चुका है.

वहीं भारत में चीन के टेलीकॉम उपकरणों पर लगी रोक को लेकर चीन अपनी चिंता प्रकट कर सकता है.व्यापारिक मामलों पर भी बातचीत होने की उम्मीद है.

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